हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक अंतिम संस्कार उस वक्त भारी हंगामे और सस्पेंस में बदल गया, जब चिता को आग देने से ठीक पहले एक शव को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। श्मशानघाट में अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी हो चुकी थी, लेकिन मृतक के शरीर पर मौजूद चोट के संदिग्ध निशानों और परिजनों की जल्दबाजी ने एक सामान्य सी लगने वाली मौत को गहरे रहस्य में तब्दील कर दिया है। यह पूरा घटनाक्रम मानपुरा क्षेत्र स्थित प्लांखवाला श्मशानघाट में सामने आया, जहां ग्रमीणों ने शक होने पर मौके पर ही अंतिम संस्कार रुकवा दिया।
जानकारी के अनुसार बीते दिन एक प्रवासी कामगार का शव अंतिम संस्कार के लिए श्मशानघाट लाया गया था। वहां समाजसेवी कमल ज्ञानी समेत कई स्थानीय लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान जब शव को चिता पर रखा जा रहा था, तब कुछ लोगों की नजर मृतक की गर्दन और पीठ पर पड़े चोट के गहरे निशानों पर गई। निशानों को देखकर लोगों को अंदेशा हुआ कि यह मौत किसी सामान्य हादसे का नतीजा नहीं हो सकती। मामले में सबसे ज्यादा शक मृतक के परिजनों के रवैये से पैदा हुआ। परिजनों ने मौके पर मौजूद लोगों को बताया कि मृतक शराब पीने का आदी था और नशे की हालत में बाइक से गिर गया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
हैरानी की बात यह थी कि परिजन इस मामले में न तो कोई पुलिस कार्रवाई चाहते थे और न ही पोस्टमार्टम। वे जल्द से जल्द शव को जलाकर अंतिम संस्कार खत्म करना चाहते थे। लेकिन, स्थानीय लोगों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि चोट के निशान गंभीर हैं और बिना निष्पक्ष जांच के चिता नहीं जलने दी जाएगी। श्मशानघाट पर विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। शुरुआत में परिजनों ने पुलिस का भी विरोध किया और पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं हुए। काफी देर तक पुलिस और परिजनों के बीच बातचीत (बहस) चलती रही। लेकिन, स्थानीय लोग अपनी मांग पर अड़े रहे कि इस संदिग्ध मौत की पूरी जांच होनी चाहिए। हालात की गंभीरता और लोगों की मांग को देखते हुए थाना प्रभारी पवीरेंद्र कुमार के निर्देश पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और अंतिम संस्कार को वहीं रोक दिया गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ अस्पताल भेज दिया है। अब यह रिपोर्ट ही तय करेगी कि यह महज एक सड़क हादसा था या इसके पीछे कोई हत्या या अन्य साजिश छिपी है। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी बद्दी विनोद कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों की आशंका और मांग को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।







