हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ठियोग क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां जराई गांव में एक मामा ने अपने ही भांजे की निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने परिवार समेत फरार हो गया था, लेकिन शिमला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है।
घटना ठियोग क्षेत्र के ग्राम जराई की है, जहां एक बगीचे में बने डेरे में नेपाली मूल का एक परिवार काम करता था। इस परिवार में सुरेश, उसकी पत्नी कविता, 5 बच्चे (3 बेटियां व 2 बेटे) और भांजा धनीराम साथ रहते थे। जानकारी के मुताबिक 28 फरवरी की सुबह जब बगीचे के मालिक जगदीश डेरे पर पहुंचे तो वहां सन्नाटा पसरा था। डेरे के दोनों कमरे बाहर से बंद थे। जब दरवाजा खोला गया तो एक कमरे में धनीराम का शव फर्श पर पड़ा मिला, जबकि सुरेश अपने पूरे परिवार के साथ गायब था। हत्या की आशंका पर जगदीश ने तुरंत पुलिस काे सूचित कर दिया।
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस टीम, फाेरैंसिक एक्सपर्ट्स मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। एसपी शिमला के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र का इस्तेमाल कर आरोपी की तलाश शुरू की। तकनीकी जांच और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी शरमला पंचायत के गांव शर्मठू में छिपा हुआ है। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए गांव में दबिश दी और आरोपी सुरेश को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी सुरेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने खुलासा किया कि घटना वाली रात उसने शराब पी रखी थी। पुरानी रंजिश को लेकर उसकी भांजे धनीराम से बहस हुई, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने कृषि उपकरण से भांजे पर जानलेवा हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से धनीराम की मौके पर ही मौत हो गई। शिमला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेगी और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद करने की प्रक्रिया में जुटी है।







