हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी दफ्तरों के कामकाज में अनुशासन, गरिमा और प्रोफेशनल छवि बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर में निर्धारित वर्दी (ड्रेस कोड) में ही आना होगा। इसके साथ ही, कर्मचारियों के फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त गाइडलाइन जारी की गई है।
कार्मिक विभाग की तरफ से जारी आदेशों के अनुसार अब सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की वेशभूषा बिल्कुल साफ-सुथरी, सादगीपूर्ण और पेशेवर होनी चाहिए। कर्मचारियों को जींस, टी-शर्ट, महंगे फैशनेबल कपड़े और कैजुअल या पार्टी वियर पहनने से पूरी तरह परहेज करने को कहा गया है। दफ्तर में काम करने वाले लोग ऐसे बिल्कुल नहीं लगने चाहिए कि वे किसी पार्टी में जा रहे हैं या कूल व फंकी दिखने के लिए बेढंगे और ऊल-जलूल कपड़े पहन रहे हैं। अब पुरुष कर्मचारी ऑफिस में शर्ट-पैंट और ट्राउजर जैसे औपचारिक (फॉर्मल) कपड़े पहन कर आएंगे। वहीं, महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, सूट-सलवार-कमीज और फॉर्मल ड्रेस निर्धारित की गई है।
कपड़ों के साथ-साथ कर्मचारियों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी बड़ा फैसला लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब कर्मचारी फेसबुक या इंस्टाग्राम पर अपनी भड़ास नहीं निकाल सकेंगे और न ही उल्टा-सीधा लिख सकेंगे। सरकारी नीतियों के खिलाफ कोई भी गलत टिप्पणी करने या अपनी निजी राय सार्वजनिक मंच पर रखने की सख्त मनाही है। कर्मचारियों को राजनीतिक या धार्मिक बयानबाजी से बचने, और बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति के किसी भी सरकारी जानकारी या दस्तावेज को सांझा न करने की हिदायत दी गई है। उन्हें ऐसी कोई भी पोस्ट या बयान देने से बचने को कहा गया है, जिससे सरकार या संस्थान की छवि प्रभावित होती हो।
सरकार ने साफ कर दिया है कि कर्मचारियों को हर हाल में इन नियमों का पालन करना होगा। कर्मचारी चाहे महिला हो या पुरुष, चाहे वह कितना भी अमीर क्यों न हो और कितने भी महंगे कपड़े खरीद सकता हो, लेकिन दफ्तर में उसे ड्रेस कोड में ही रहना होगा। दफ्तर में कपड़े पूरी तरह शालीन और फॉर्मल होने चाहिए। इन आदेशों की अवहेलना करने को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। यदि कोई कर्मचारी ड्रेस कोड या सोशल मीडिया गाइडलाइन को फॉलो नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने ये सख्त निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के प्रावधानों के तहत जारी किए हैं। इन नियमों में सरकारी कर्मचारियों के आचरण, अभिव्यक्ति और सोशल मीडिया व्यवहार को नियंत्रित किया गया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी इन आदेशों को लेकर सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और सभी बोर्ड व निगमों को पत्र लिखा गया है और इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।







