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हिमाचल: 10वीं की परीक्षा में छाई कांगड़ा की होनहार बेटी अनमोल, 700 में से 699 अंक हासिल कर बनी स्टेट टॉपर

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। धर्मशाला में बोर्ड अध्यक्ष ने जैसे ही नतीजे जारी किए, प्रदेश भर के हजारों छात्र-छात्राओं का लंबा इंतजार खुशी में बदल गया। इस साल बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 83.87% रहा है। हर बार की तरह इस बार भी परीक्षा परिणामों में लड़कियों ने अपना दबदबा कायम रखा है और शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

मनियाड़ा गांव की रहने वाली है अनमोल

परीक्षा परिणामों में सबसे ज्यादा चमक कांगड़ा जिले की होनहार बेटी अनमोल की रही। जिले के छोटे से गांव मनियाड़ा की रहने वाली और रोहित कुमार की सुपुत्री अनमोल ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे हिमाचल में टॉप किया है। उन्होंने 700 में से 699 अंक (99.86 प्रतिशत) हासिल कर मैरिट लिस्ट में पहला स्थान प्राप्त किया है। अनमोल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव और कांगड़ा जिला गर्व से भरा हुआ है और हर तरफ जश्न का माहौल है।

ऊना और बिलासपुर के 3 विद्यार्थियों ने पाया दूसरा स्थान

स्टेट टॉपर अनमोल के अलावा अन्य जिलों के मेधावियों ने भी मेरिट लिस्ट में अपनी मजबूत जगह बनाई है। ऊना जिले के अभिनव मेहता व रूहानी और बिलासपुर की छात्रा पूर्णिमा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 700 में से 698 अंक अर्जित कर पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इसी क्रम में हमीरपुर की आश्विका और मंडी की अलिशा ठाकुर ने 700 में से 697 अंक (99.57 प्रतिशत) प्राप्त कर मेरिट सूची में तीसरा पायदान अपने नाम किया है।

93,017 में से 77,150 विद्यार्थी हुए पास, 8422 विद्यार्थियों को कंपार्टमेंट

बोर्ड द्वारा जारी किए गए विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 10वीं की परीक्षा में कुल 93,017 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 77,150 विद्यार्थियों ने शानदार कामयाबी हासिल करते हुए अगली कक्षा में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं, 8422 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से इन छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें परीक्षा पास करने के लिए एक और अवसर दिया जाएगा।

स्मार्टफोन से दूरी और 5 घंटे की पढ़ाई ने दिलाई सफलता

पूरे प्रदेश में अव्वल रहने वाली अनमोल की सफलता का राज आज के डिजिटल युग में हर छात्र के लिए प्रेरणादायक है। अपनी कामयाबी का श्रेय अपने अनुशासन को देते हुए अनमोल ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। फोन के भटकाव से बचकर उन्होंने अपना पूरा ध्यान सिर्फ किताबों पर केंद्रित किया और रोजाना 5 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई की। अनमोल भविष्य में एक शिक्षिका बनना चाहती हैं। उनका सपना है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दें और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारने में अहम योगदान निभाएं।

विद्यार्थियों को दिया सफलता का बेहद अहम मंत्र

अपनी इस बड़ी कामयाबी के साथ ही स्टेट टॉपर अनमोल ने प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को सफलता का एक बेहद अहम मंत्र भी दिया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षकों का मार्गदर्शन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। अनमोल ने संदेश दिया कि जब भी गुरुजन आपकी किसी गलती को सुधारें या उस पर टोकें, तो उसे कभी नजरअंदाज न करें। शिक्षकों की बातों को पूरी गंभीरता से लें और अपनी गलतियों में तुरंत सुधार करने का प्रयास करें।

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Author: Desk

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