हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 34 वर्षीय विवाहिता ने अपने ही घर में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस खौफनाक कदम के बाद मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि महिला को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे तंग आकर उसने मौत को गले लगा लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर मौत के असली कारणों की तहकीकात शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चंडयाल के रठोहा गांव की है। यहां रहने वाली 34 वर्षीय कुसमा देवी उर्फ शालू का शव घर के भीतर फंदे से लटकता हुआ मिला। बुधवार शाम के समय पुलिस को इस घटना की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सबसे पहले मृतका की सास ने उसे फंदे पर लटके हुए देखा था, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
बहन की मौत की खबर मिलते ही मृतका के भाई रविकांत ने बल्ह थाने में ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। रविकांत ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन शालू को शादी के कुछ समय बाद से ही उसका पति, सास और ननद लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि ससुराल वालों की रोज-रोज की प्रताड़ना और उत्पीड़न के कारण शालू गहरे तनाव में रहने लगी थी। भाई के अनुसार 3 जून को उन्हें उनके एक रिश्तेदार कैप्टन सुरेंद्र कुमार के जरिए यह मनहूस खबर मिली कि शालू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। मायके पक्ष का सीधा आरोप है कि ससुराल में चल रहे इसी क्लेश और यातनाओं के चलते शालू ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी बल्ह दिनेश कुमार और थाना प्रभारी तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अहम साक्ष्य जुटाए। साथ ही, मौके पर मौजूद परिजनों और ससुराल वालों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसपी मंडी विनोद कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब हर एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला की आत्महत्या के पीछे असल वजह क्या थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह और समय की सटीक जानकारी मिल पाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







