पहाड़ों की रानी शिमला जो अपनी शांति और खूबसूरती के लिए जानी जाती है, अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। बीच शहर में दिनदहाड़े एक ऐसी खौफनाक वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। शहर के एक निजी स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल को बीच सड़क पर मौत के घाट उतार दिया गया।
जानकारी के अनुसार मनीषा पास की दुकान से कुछ सामान लेने निकली थीं। उन्हें क्या पता था कि कोई घात लगाए उनकी जान का प्यासा बैठा है। वह जैसे ही सामान लेकर लौटीं तो हत्यारों ने उन पर गोलियां दाग दीं। मनीषा को 3 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारे पंजाब नंबर की एक गाड़ी में सवार होकर आए थे जोकि वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
इस ब्लाइंड मर्डर केस में जो सबसे बड़ा और चौंकाने वाला एंगल सामने आ रहा है, वह है अपनों की साजिश। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में शक की सूई मृतका के ही परिवार की तरफ घूम रही है। बताया जा रहा है कि मनीषा का अपने सगे भाई के साथ एक बड़ा प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था और इस वारदात से पहले मनीषा ने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर हमले की भी आशंका जताई थी। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या करोड़ों की संपत्ति के लालच में एक भाई-बहन के रिश्ते का भी कत्ल कर दिया गया?
हत्या की इस दुस्साहसिक वारदात के बाद शिमला पुलिस एक्शन मोड में है। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकद्दमा दर्ज कर लिया है। कातिलों के शहर से भागने के रास्तों को ब्लॉक करते हुए पूरे शहर में हाई-अलर्ट और नाकेबंदी कर दी गई है। मौके से एक-एक सुराग इकट्ठा किया जा रहा है। हत्यारे गाड़ी में किस तरफ भागे, इसके लिए पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कातिलों को पाताल से भी ढूंढ निकालने के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। शिमला पुलिस के तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज जल्द ही इस खून के खेल से पर्दा उठा सकते हैं। फिलहाल, शहर में दहशत का माहौल है और सबको कातिलों की गिरफ्तारी का इंतजार है।







