जरा सोचिए, आप जिंदा हैं, आपकी सांसें चल रही हैं, आप अपने परिवार के सामने हैं… लेकिन सरकारी कागजों में आपको मृत घोषित कर दिया गया हो! यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के छड़यांद गांव के रहने वाले सुरेश कुमार की दर्दनाक हकीकत है। 9 साल से बिस्तर पर 100 फीसदी लकवाग्रस्त अवस्था में पड़े सुरेश कुमार अपनी पत्नी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के पास पहुंचे। उनके पास जाने का मकसद कोई बड़ी मांग नहीं, बल्कि सिर्फ यह साबित करना था कि “साहब, मैं अभी जिंदा हूं।” इस बेबस परिवार की कहानी जिसने भी सुनी, उसका कलेजा कांप गया।

सुरेश कुमार का जीवन किसी नरक से कम नहीं है। 9 साल पहले वे एक छोटे से पेड़ से गिरे थे। शुरुआत में चोट मामूली लगी, लेकिन धीरे-धीरे शरीर ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया। आज हालत यह है कि उनका पूरा शरीर सुन्न है। वे न हाथ-पैर हिला सकते हैं, न खुद खा-पी सकते हैं और न ही कुछ बोल सकते हैं। अगर चेहरे पर मक्खी भी बैठ जाए, तो उसे उड़ाने की ताकत उनमें नहीं है। उनका दिमाग पूरी तरह ठीक है, आंखें सब देखती हैं, कान सब सुनते हैं, लेकिन जुबान खामोश है। वे बस पलकें झपका कर या चेहरे के हल्के एक्सप्रेशन से अपनी बात कहते हैं।

सुरेश कभी खेती-बाड़ी कर परिवार पालते थे। जब हालत बिगड़ी तो मंडी से लेकर हिमाचल के बड़े अस्पतालों और अंत में PGI चंडीगढ़ तक इलाज करवाया, लेकिन PGI के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया कि ऑप्रेशन के बाद भी वे कभी ठीक नहीं हो पाएंगे। इलाज में परिवार की जीवन भर की जमापूंजी खत्म हो गई। सहारे के लिए सरकार की सहारा योजना के तहत आवेदन किया। साल 2022 से 2025 तक उन्हें हर महीने 3000 रुपए की मदद मिलती रही, लेकिन हाल ही में अचानक यह पैसा आना बंद हो गया। जब परिवार ने ऑनलाइन स्टेटस चैक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सरकारी पोर्टल पर उनका स्टेटस इनएक्टिव और डैथ स्टेटस में डैड (मृत) लिखा था। चंद हजार रुपए बचाने के लिए या सिस्टम की घोर लापरवाही के चलते एक जिंदा आदमी को मार दिया गया।

जब सुरेश कुमार की पत्नी साइना देवी उन्हें गाड़ी में लेकर जयराम ठाकुर से मिलने पहुंचीं, तो सुरेश की हालत देख उन्हें गाड़ी से नीचे नहीं उतारा जा सका। जैसे ही जयराम ठाकुर को इसका पता चला, वे अपने सारे काम छोड़कर पत्नी डॉ. साधना ठाकुर के साथ तुरंत सड़क पर गाड़ी के पास पहुंचे। गाड़ी का शीशा खुला तो अंदर का नजारा देखकर जयराम ठाकुर और उनकी पत्नी हैरान रह गए। पत्नी साइना देवी फफक-फफक कर रो पड़ीं और बोलीं “साहब कुछ कीजिए, इन्होंने मेरे जिंदा पति को मृत बता दिया।” यह सुनकर जयराम ठाकुर भी भावुक हो गए। उन्होंने तुरंत अपनी जेब से कुछ पैसे निकालकर परिवार को आर्थिक मदद दी और आश्वासन दिया कि वह इस मामले को सरकार के सामने उठाएंगे। वहीं, उनकी पत्नी डॉ. साधना ने सुरेश के लिए तुरंत एक एयर बैड का इंतजाम करने का भरोसा दिया।
इस परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है। पत्नी साइना आंगनवाड़ी सहायिका हैं, जिससे नाममात्र की आमदनी होती है और वह खुद भी बीमार रहती हैं। परिवार में एक बेटा और बेटी है। बेटी जैसे-तैसे पढ़ रही है, जबकि बेटे ने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी ताकि वह दिन-रात अपने पिता की देखभाल कर सके। अब सवाल यह है कि आखिर एक जिंदा इंसान को मुर्दा क्यों बनाया गया? क्या सिर्फ 3 हजार रुपए का हक मारने के लिए? आज इस परिवार को सिस्टम से इंसाफ के साथ-साथ समाज के सहारे की भी जरूरत है। यह परिवार आज आपके आगे हाथ फैलाने को मजबूर है। आपकी 10, 50, 100 या 500 रुपए की मदद इनके लिए संजीवनी बन सकती है। अगर इस खबर को 5 लाख लोग भी पढ़ते हैं और सिर्फ 1-1 रुपया भी दान करते हैं, तो इस गरीब परिवार के पास 5 लाख रुपए जमा हो जाएंगे, जो उनके जीवन को थोड़ा आसान बना सकते हैं।
Bank Detail
Account Holder- Suresh Kumar S/o Hem Singh
Bank- HP State CO- Operative Bank (Keolidhar)
Account No- 34610101761
IFSC Code- HPSC0000301
G Pay No- 98052-60401








