नशा तस्कर अब नशे की खेप को ठिकाने लगाने के लिए ऐसे-ऐसे हाईटेक और शातिर तरीके अपना रहे हैं, जिन्हें देखकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए। लेकिन, स्पैशल टास्क फोर्स (STF) कुल्लू की पैनी नजरों से बचना अब नामुमकिन हो गया है। STF ने मंडी के पास एक ऐसे ऑप्रेशन को अंजाम दिया है, जिसमें बाहर से बिल्कुल नॉर्मल दिखने वाली एक कार के दरवाजे से लगभग 5 किलो (4.859 किलोग्राम) चरस बरामद हुई है। इस सीक्रेट डिलीवरी को लेकर पंजाब के दो तस्कर धरे गए हैं।
जानकारी के अनुसार STF कुल्लू की टीम एएसआई भानु प्रताप के नेतृत्व में बिंद्राबनी फोरलेन के पास विशेष नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी बीच कुल्लू से मंडी की तरफ आ रही पंजाब नंबर की इटियोस कार (PB 04AA-4470) वहां पहुंची। कार में दो व्यक्ति बैठे थे। पुलिस ने शक के आधार पर जब कार को रोका और तलाशी शुरू की तो तस्करों का मास्टरप्लान सामने आ गया। शातिर तस्करों ने कार के अगले हिस्से में, कंडक्टर साइड वाले दरवाजे के अंदर के पैनल को एक तहखाने की तरह इस्तेमाल किया था। चरस को इतनी बारीकी से पैक करके दरवाजे के अंदर फिट किया गया था कि एसटीएफ की टीम भी एक पल के लिए हैरान रह गई। जब टीम ने पेचकस से दरवाजे का पैनल खोला तो अंदर से चरस की खेप बाहर आ गिरी।
एसटीएफ ने बिना देरी किए चरस और इस तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को जब्त कर लिया। आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय राजेश निवासी लुधियाना (पंजाब) और 38 वर्षीय सतबीर सिंह निवासी होशियारपुर (पंजाब) के रूप में की गई है, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ सदर पुलिस थाना मंडी में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
डीएसपी हेमराज वर्मा ने इस बड़ी कामयाबी की पुष्टि करते हुए चेतावनी दी है कि नशे के खिलाफ एसटीएफ का यह प्रहार आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। फिलहाल सदर थाना मंडी की पुलिस अब ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तस्करों ने कुल्लू-मंडी में यह चरस की खेप किस व्यक्ति से खरीदी थी और पंजाब में किसे सप्लाई की जानी थी? माना जा रहा है कि पुलिस रिमांड के दौरान जब इन तस्करों से सख्ती से पूछताछ होगी, तो हिमाचल और पंजाब के ड्रग नैटवर्क से जुड़े कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।








