देवभूमि हिमाचल को नशा मुक्त बनाने की दिशा में कांगड़ा पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नशा माफिया की कमर तोड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़े नैटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चरस की बड़ी खेप के साथ तीन तस्करों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
पुलिस को अपने विश्वस्त सूत्रों से गुप्त सूचना मिली थी कि कांगड़ा के कछियारी इलाके में एक ऑल्टो कार खड़ी है। सूचना पक्की थी कि गाड़ी में भारी मात्रा में चरस मौजूद है और उसमें सवार युवक इसे बेचने की फिराक में हैं। खबर मिलते ही पुलिस ने बिना वक्त गंवाए अपनी टीम गठित की और मौके पर दबिश दी। पुलिस ने बड़ी होशियारी से कार की घेराबंदी की और तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस को ऑल्टो कार से 852 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मौके से ही कार सवार दो युवकों को धर दबोचा। इनकी पहचान रामलाल पुत्र बगंलू राम, निवासी झटींगीरी (मंडी) और संजय कुमार पुत्र सुनका राम, निवासी मारखान (मंडी) के रूप में हुई है। पुलिस की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। जांच में पता चला कि यह चरस कांगड़ा के ही एक व्यक्ति को सप्लाई की जानी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उस खरीददार को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी की पहचान शमशेर निवासी गांव सहाेड़ा (कांगड़ा) के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि चरस की यह खेप कहां से लाई गई थी और इस नैटवर्क में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।







