हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। आनी उपमंडल के शमशर-गुगरा सड़क मार्ग पर प्रकृति का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला, जिसने चार परिवारों के चिराग बुझा दिए। तेज आंधी-तूफान के बीच सड़क किनारे खड़ा एक विशाल चीड़ का पेड़ चलती बोलेरो गाड़ी पर गिर गया, जिससे चार महिला शिक्षकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 5 बजे आनी क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। इसी दौरान एक बोलेरो गाड़ी शमशर-गुगरा सड़क से गुजर रही थी। तभी तेज हवाओं के दबाव को न झेल पाने के कारण सड़क किनारे खड़ा एक विशाल चीड़ का पेड़ उखड़कर सीधे चलती गाड़ी पर जा गिरा। पेड़ के भारी वजन से गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई। हादसे के समय गाड़ी में चालक सहित कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें 6 महिला अध्यापिकाएं शामिल थीं। गाड़ी के क्षतिग्रस्त होते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई।
इस हादसे में स्नेह लता (38) पत्नी टीका नंद निवासी गांव पारलीधार, डाकघर कमांद, तहसील आनी, बंती कौंडल पत्नी हेम दत्त निवासी गांव लामीसेरी, तहसील आनी, उषा कुमारी (43) पत्नी मदन लाल निवासी गांव तराला, डाकघर जाओं, तहसील आनी और सीमा आजाद (54) पत्नी जिया लाल आजाद निवासी गांव रोपड़ी, डाकघर व तहसील आनी की मौत हाे गई।
वहीं सुरेश चंद (वाहन चालक) पुत्र देश राज, निवासी गांव रोपड़ी, तहसील आनी, तारा देवी पत्नी रविंद्र कुमार, निवासी गांव रोपड़ी, तहसील आनी और रीना कुमारी पत्नी प्रेम सागर, निवासी गांव कटहेड़, डाकघर बनारला, तहसील सरकाघाट, जिला मंडी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता देख स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को क्षतिग्रस्त गाड़ी से बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य का संचालन किया।
एक साथ चार शिक्षिकाओं के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। शिक्षा जगत के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। स्थानीय निवासियों और परिजनों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाए।








