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हिमाचल में ड्रग माफिया पर बड़ा प्रहार, STF ने पकड़ा 1.005 किलोग्राम चिट्टा, 3 तस्कर रिमांड पर

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान में एसटीएफ (STF) कांगड़ा ने एक ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। टीम ने ऊना जिले में 1.005 किलोग्राम चिट्टे के साथ तीन आरोपियों को धर दबोचा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 3 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेनू कुमारी के नेतृत्व में एसटीएफ की एंटी-नारकोटिक्स टीम शनिवार देर रात ऊना-संतोषगढ़ रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने शिव मंदिर के पास नाका लगाया। नाके के दौरान टाहलीवाल की ओर से आ रही एक कार को जांच के लिए रोका गया, जिसमें 3 युवक सवार थे। कार की तलाशी लेने पर डिक्की से 15 पॉलीथीन पैकेट में चिट्टा बरामद हुआ, जिसका वजन 1 किलो 5 ग्राम निकला।

टीम ने चिट्टे को कब्जे में लिया और मामले के आरोपियों सर्वजीत सिंह (28) पुत्र संतोख सिंह निवासी अप्पर देहलां, गुरमुख सिंह (40) पुत्र नारायण दास निवासी बरनोह और रमन कुमार (41) पुत्र छजू राम निवासी समूर कलां को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 7 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह खेप किसी बड़े संगठित ड्रग नैटवर्क की ओर इशारा करती है। अब पुलिस आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है, ताकि ड्रग सप्लाई चेन के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा जा सके। शिमला और बिलासपुर की पिछली बरामदगियों को पीछे छोड़ते हुए एसटीएफ की इस कार्रवाई ने नशे के सौदागरों में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल में ड्रग्स का कारोबार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Author: Desk

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