हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिले के भोरंज उपमंडल के तहत आते भुक्कड़ क्षेत्र के गांव बैरी भटां में एक 16 वर्षीय किशोर की नाले में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। हाल ही में 12वीं कक्षा पास करने वाले इस होनहार किशोर की मौत ने न सिर्फ उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। हादसे की सबसे रुला देने वाली बात यह है कि मृतक अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था।
मृतक की पहचान 16 वर्षीय अंकित कुमार पुत्र शशि पाल निवासी गांव बैरी भटां, डाकघर भुक्कड़, उपमंडल भोरंज के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अंकित घटना के वक्त अपने दोस्तों के साथ खुशी-खुशी साइकिल चला रहा था। इसी दौरान अचानक उसंतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे सड़क के साथ बने एक गहरे नाले में जा गिरा। इस हादसे ने उस वक्त और भी खौफनाक रूप ले लिया, जब सुरक्षा के दावों की पोल खुल गई। नाले के किनारे लोगों की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा लगाया गया ड्रमनुमा पैरापिट भी अंकित के साथ ही भरभरा कर नीचे नाले में जा गिरा। इसके चलते अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना का शोर सुनकर और दोस्तों की चीख-पुकार पर परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना समय गंवाए, खून से लथपथ अंकित को आनन-फानन में सरकाघाट अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हंसते-खेलते किशोर की इस तरह अचानक मौत से बैरी भटां गांव और आसपास के क्षेत्रों में जहां एक तरफ मातम का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ लोगों में भारी रोष भी पनप रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि अगर सुरक्षा पैरापिट मजबूती से बना होता तो शायद अंकित इस तरह नहीं गिरता और उसकी जान बच सकती थी। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।








