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शटडाऊन के बीच चालू हुई बिजली, खंभे पर काम कर रहे लाइनमैन की मौत…कुछ महीने पहले हुई थी शादी

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद दर्दनाक और व्यवस्था की घोर लापरवाही को उजागर करने वाली खबर सामने आई है। जिले के पालमपुर उपमंडल के तहत आने वाले विंद्रावन विद्युत उपमंडल में सोमवार सुबह करंट लगने से 28 वर्षीय एक युवा लाइनमैन की मौके पर ही मौत हो गई। इस खौफनाक हादसे ने जहां एक तरफ विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं एक हंसते-खेलते परिवार को जिंदगी भर का नासूर दे दिया है।

हादसे का शिकार हुए युवक की पहचान मोहन लाल उर्फ मोनू के रूप में हुई है, जो रानीताल का रहने वाला था। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार रात इलाके में आए तेज तूफान और अंधड़ के कारण कई जगहों पर बिजली की तारें टूट गई थीं और आपूर्ति ठप्प पड़ गई थी। इसी बिगड़ी व्यवस्था को बहाल करने के लिए सोमवार सुबह मोहन लाल अपनी टीम के साथ निगम वार्ड-7 (विंद्रावन) के जंगल क्षेत्र में क्षतिग्रस्त तारों की मुरम्मत करने के लिए पहुंचा था।

सुरक्षा के लिहाज से इलाके की बिजली लाइन बंद करवाई गई थी। बिजली बंद होने की तसल्ली के बाद मोहन लाल टूटी तारों को जोड़ने के लिए खंभे पर चढ़ा, लेकिन तभी एक ऐसी खौफनाक चूक हुई, जिसने मोहन लाल की जान ले ली। जब वह खंभे पर काम कर रहा था, तभी पीछे (सब-स्टेशन) से किसी कर्मचारी ने अचानक बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी। लाइनों में दौड़ते हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मोहन लाल की खंभे पर ही दर्दनाक मौत हो गई। गनीमत यह रही कि उस वक्त जमीन पर खड़े होकर तार खींच रहे अन्य कर्मचारियों ने करंट का झटका लगते ही तुरंत तार छोड़ दी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई।

इस घटना के बाद से ही बिजली विभाग की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। प्रारंभिक जांच में यह साफ तौर पर विभागीय नियमों के बड़े उल्लंघन का मामला नजर आ रहा है। तय नियमों के अनुसार जब तक फील्ड में काम कर रहे कर्मचारी काम पूरा होने का क्लीयरैंस न दे दें, तब तक ग्रिड या सब-स्टेशन से किसी भी हाल में बिजली चालू नहीं की जा सकती। अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर बिना सिग्नल मिले लाइन किसने और क्यों चालू की?

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और बिजली बोर्ड के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक मोहन लाल की शादी हुए अभी महज कुछ ही महीने हुए थे। एक छोटी-सी विभागीय लापरवाही ने एक नई-नवेली दुल्हन का सुहाग उजाड़ दिया। जवान बेटे की मौत की मनहूस खबर जैसे ही उसके घर रानीताल पहुंची, परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।

वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। आक्रोशित लोगों ने बिजली बोर्ड के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मांग की है कि इस घोर लापरवाही के लिए जो भी कर्मचारी दोषी है, उस पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी को इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े।

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Author: Desk

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