शिमला: हिमाचल प्रदेश में बारिश का दाैर लगातार जारी है। इसी कड़ी में मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार और रविवार के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। विशेष रूप से कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और ऊना जिलों के कुछ इलाकों में अगले दो दिनों तक मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
केवल यही चार जिले ही नहीं, बल्कि बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू और शिमला जिले भी तेज बारिश की चपेट में आने वाले हैं। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं, एक और दो सितंबर को पूरे प्रदेश के लिए यैलो अलर्ट रहेगा, जिसका मतलब है कि सामान्य से अधिक बारिश होगी और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग की इस चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को चंबा, कुल्लू, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसका मक़सद यह है कि बच्चे और शिक्षक भारी बारिश या भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों में सफर करने के खतरे से बच सकें।
पिछले 24 घंटों में ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रोहतांग दर्रे और आसपास की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। राजधानी शिमला समेत कांगड़ा और कुल्लू घाटी में शुक्रवार को झमाझम बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव, छोटे नाले उफान पर और भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और नदियों-नालों के पास जाने की कोशिश न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश का यही क्रम जारी रहा तो आने वाले दिनों में नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
बता दें हिमाचल में मानसून हर साल लोगों की परीक्षा लेता है। इस बार भी पहाड़ों की सुंदरता के साथ-साथ खतरा बढ़ा हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।








