शादी… एक ऐसा सपना जिसे हर कोई संजोता है, लेकिन क्या हो जब यही सपना एक भयानक साजिश और धोखे का जाल बन जाए? हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की सनाही पंचायत के रहने वाले राकेश कुमार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। उनके सिर पर सेहरा तो दो बार सजा, लेकिन दुल्हन की डोली उठने के कुछ ही दिनों बाद खुशियों की जगह मातम और कर्ज का बोझ आ गया। शादी के नाम पर राकेश और उनके परिवार से लगभग 8 लाख रुपए की ठगी की गई है।
नम आंखों से अपनी आपबीती सुनाते हुए राकेश कुमार ने बताया कि उनकी जिंदगी में यह सिलसिला इसी साल फरवरी में शुरू हुआ। एक बिचौलिए अरविंद कुमार ने उनकी शादी पंजाब की एक लड़की से तय करवाई। परिवार ने धूमधाम से शादी की, लेकिन घर आई दुल्हन ने कुछ ही दिनों में अपना असली रंग दिखा दिया। वह नशे की आदी थी और घर में भी नशा करती थी, जिससे परिवार का माहौल बिगड़ने लगा। आखिरकार, परेशान होकर राकेश उसे वापस पंजाब छोड़ आए।
एक शादी टूटने के दर्द से राकेश अभी उबरे भी नहीं थे कि बिचौलिए अरविंद ने फिर से उम्मीद की एक किरण दिखाई। उसने राकेश को एक अच्छी जगह दूसरी शादी करवाने का झांसा दिया और इसके बदले में और पैसों की मांग की। एक बेहतर भविष्य की आस में राकेश के परिवार ने अपनी जमा-पूंजी फिर से दांव पर लगा दी। अरविंद ने इस बार होशियारपुर की एक लड़की से राकेश की शादी करवा दी, लेकिन इस बार धोखा और भी बड़ा था। शादी के अगले ही दिन नई दुल्हन घर से फरार गई।
दो बार धोखा खाने के बाद राकेश और उनके परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है, जिसका मकसद सिर्फ पैसा लूटना था। इस ठगी ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से तोड़ दिया है, बल्कि मानसिक रूप से भी गहरा आघात पहुंचाया है। इंसाफ की आस में राकेश कुमार अपने परिवार के साथ हमीरपुर के एसपी कार्यालय पहुंचे और आरोपी बिचौलिए अरविंद कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
बता दें कि इस मुश्किल घड़ी में मानवाधिकार आयोग और स्थानीय पंचायत राकेश कुमार के समर्थन में आगे आए हैं। मानवाधिकार आयोग की जिलाध्यक्ष अंजना कुमारी ने कहा कि यह बहुत ही दुखद मामला है। राकेश कुमार के साथ शादी के नाम पर सरासर धोखाधड़ी हुई है। अरविंद नाम के व्यक्ति ने 2 शादियों के नाम पर 8 लाख रुपए लिए हैं। जब हमने उससे बात करने की कोशिश की तो वह टालमटोल करने लगा और मिलने नहीं आया। हमने एसपी साहब से सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, आयोग की महासचिव पूनम मंडियाल ने भी पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि हम यहां इसलिए आए हैं ताकि राकेश कुमार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और उनके पैसे वापस मिलें।
उधर, सनाही पंचायत की प्रधान सरिता शर्मा ने भी मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि राकेश ने पंचायत में शिकायत दर्ज करवाई थी। हम सब उनके साथ एसपी कार्यालय गए थे ताकि इस गरीब परिवार को न्याय मिल सके। एक व्यक्ति के साथ दो बार इस तरह की ठगी होना बहुत गंभीर बात है।
फिलहाल यह मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है। राकेश और उनके परिवार को उम्मीद है कि कानून उन धोखेबाजों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगा, जिन्होंने शादी जैसे पवित्र बंधन को अपनी ठगी का जरिया बनाया और एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को ग्रहण लगा दिया।








