सोचिए, आप एक बस में सफर कर रहे हों और आपको महसूस हो कि आपकी जिंदगी की डोर किसी ऐसे शख्स के हाथ में है जिसे खुद का ही होश नहीं। ऐसा ही खौफ हमीरपुर जिले में 20 लोगों ने न सिर्फ महसूस किया, बल्कि अपनी सूझबूझ से जान बचाने में भी कामयाब रहे। यह किसी कहानी जैसा लगता है, लेकिन यह हकीकत है।
जानकारी के अनुसार एक निजी बस अपने तय रूट पर नादौन से बाबा बालक नाथ की तपोस्थली दियोटसिद्ध की ओर जा रही थी। बस में बैठे यात्रियाें काे आभास भी नहीं था कि आगे क्या हाेने वाला है। कुछ ही देर में बस के अंदर का माहौल बदलने लगा। ड्राइवर की खतरनाक और लापरवाही भरी ड्राइविंग, और परिचालक का अजीब व्यवहार देखकर यात्रियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। उन्हें समझते देर न लगी कि जिस ड्राइवर के भरोसे उन्होंने अपनी जान सौंपी है, वो नशे में धुत्त है।
बस में बैठे लोगों के सामने दो रास्ते थे…या तो चुपचाप डर के साए में सफर करते या फिर हिम्मत दिखाते। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने अपनी किस्मत को शराबी ड्राइवर के हवाले करने के बजाय कानून के रखवालों पर भरोसा किया। बस में से किसी ने हिम्मत करके गलोड़ पुलिस चौकी के प्रभारी विनय अत्री को फोन किया और कांपती आवाज में पूरी स्थिति बयां की।
फोन पर मिली जानकारी की गंभीरता को समझते हुए चौकी प्रभारी विनय अत्री और उनकी टीम तुरंत हरकत में आई और गलोड़ में बस काे रोक लिया। जब पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर से पूछताछ शुरू की तो उनके मुंह से आती शराब की तेज दुर्गंध ने सब कुछ साफ कर दिया। नशे में चूर ड्राइवर अपनी गलती मानने के बजाय पुलिस से ही उलझने लगा।
शक को यकीन में बदलने के लिए जब पुलिस ने एल्कोहल सैंसर का इस्तेमाल किया तो मशीन की रीडिंग ने सबके होश उड़ा दिए। ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने अत्यधिक मात्रा में शराब पी रखी थी। यह देखकर वहां मौजूद हर कोई हैरान था कि कैसे ये लोग 20 जिंदगियों के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कर सकते थे।
पुलिस ने तुरंत बस मालिक को मौके पर बुलाया और उसे पूरी घटना से अवगत कराया। बस मालिक ने भी इंसानियत दिखाते हुए फौरन दूसरी बस की व्यवस्था की, जिससे सभी 20 यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल की ओर भेजा गया। अपनी जान बच जाने पर यात्रियों ने ईश्वर और गलोड़ पुलिस का धन्यवाद किया।
इस पूरे मामले पर डीएसपी बड़सर लालमन शर्मा ने बताया कि आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यातायात नियमों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। लोगों की जान की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। उन यात्रियों की जागरूकता और गलोड़ पुलिस की तत्परता को सलाम, जिनकी वजह से 20 परिवारों की खुशियां उजड़ने से बच गईं।








