हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर रहे विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी पहली और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निलंबित ASI को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से मामले में दबे कई गहरे राज खुलने की संभावना है, जिस पर शुरुआत से ही पर्दा डालने के आरोप लगते रहे थे।
CBI ने इस ऑप्रेशन को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से CBI की 10 सदस्यीय विशेष टीम शनिवार शाम को ही शिमला पहुंच गई थी। रविवार को टीम ने अपनी रणनीति तैयार की और दोपहर के समया बिलासपुर जिले के घुमारवीं के लिए रवाना हुई। वहां पहुंचकर टीम ने मामले में आरोपी निलंबित असिस्टैंट सब-इंस्पैक्टर (ASI) पंकज शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए शिमला लाया जा रहा है, जहां सोमवार को उसे CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
यह मामला इसी साल मार्च महीने का है, जब चीफ इंजीनियर विमल नेगी अचानक लापता हो गए थे। 10 मार्च को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट शिमला में दर्ज कराई गई थी। परिवार और पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद उनका कुछ पता नहीं चल रहा था। आठ दिन बाद 18 मार्च को उनकी लाश बिलासपुर के भाखड़ा डैम में तैरती हुई मिली, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी।
मामले की शुरुआती जांच बिलासपुर पुलिस ने की थी, लेकिन उसका रवैया शुरू से ही संदिग्ध रहा। पुलिस पर सबसे बड़ा आरोप सबूतों के साथ छेड़छाड़ का लगा। पुलिस ने विमल नेगी की एक पैन ड्राइव को बरामद करने के बाद उसे छुपा लिया था। यह बात बाद में सामने आई, जिससे पुलिस की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामला जब कोर्ट पहुंचा तो खुद सरकार ने यह स्वीकार किया कि शुरूआती जांच में सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई थी। यह एक बड़ा कबूलनामा था, जिसने CBI जांच की मांग को और पुख्ता कर दिया।
विमल नेगी का परिवार लगातार कह रहा था कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है और वे CBI जांच की मांग पर अड़े हुए थे। सरकार ने पहले एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया, लेकिन परिवार को लगा कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो सरकार के वकील ने CBI जांच का विरोध करते हुए दलील दी कि इससे पुलिस का मनोबल गिरेगा। इस पर न्यायाधीश ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा किअदालत यहां पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए नहीं बैठी है कोर्ट के इसी कड़े रुख के बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई।
अब इस पहली गिरफ्तारी से दिवंगत इंजीनियर विमल नेगी के परिवार काे उम्मीद जगी है कि CBI उन सवालों के जवाब ढूंढ निकालेगी जो अब तक अनसुलझे हैं। विमल नेगी के साथ आखिर हुआ क्या था? उनकी मौत का राज क्या है? और उस पैन ड्राइव में ऐसा क्या था जिसे छुपाने की कोशिश की गई? इन सभी सवालों के जवाब अब निलंबित ASI से पूछताछ के बाद सामने आ सकते हैं।








