ऊना के जिस कांड ने पूरे हिमाचल प्रदेश को हिलाकर रख दिया है, उसमें एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। जिस फौजी ने प्रैगनेंट दुल्हन को मौत की नींद सुलाया, वो दोनों पहले से शादीशुदा थे। दोनों की एक-दूसरे से शादी हुई थी, लेकिन रिश्ता नहीं चला तो तलाक हो गया। फिर दो साल बाद दोबारा संपर्क में आए और डिजिटल मैरिज कर ली। अब परिवारों की मर्जी से फिर से दोनों की शादी हो रही थी, लेकिन इस बार उसने शादी से 24 घंटे पहले लड़की को मार दिया।
फौजी प्रवेश ने पहले अंशिका को प्यार से घर से बाहर बुलाया, फिर आर्मी से जो चाकू मिला था, उससे दो बार गला रेता। जब देखा कि आंशिका की मौत हो चुकी है तो फिर बाइक से पैट्रोल निकाला और शव पर उड़ेल दिया और उसके बाद आग लगा दी। आरोपी का कहना है कि “अंशिका पैसों की डिमांड करती थी… मेरा एटीएम कार्ड उसके पास था… लाखों रुपए उड़ा चुकी थी…और पैसे मांग रही थी… और लगातार झगड़ती थी”।
बात ये भी सामने आई कि दोनों में बच्चे को लेकर झगड़ा हुआ था। आराेपी अपने साथ गर्भपात की दवाई लेकर आया था। उसने अंशिका को दवाई खाने को दी, लेकिन उसने नहीं खाई क्योंकि वो बच्चा चाहती थी और गर्भपात नहीं करना चाहती थी।
फौजी प्रवेश ने कांड करने के बाद बाइक लेकर मौके से घर पहुंच गया। पता चला है कि आराेपी सिर्फ दो दिन की छुट्टी लेकर घर आया था। शायद उसने पहले से स्कीम बना रखी थी। जब अंशिका की हत्या करने के बाद वह घर पहुंचा तो अपने चाचा संजीव से बोला कि “मैंने अंशिका से शादी नहीं करनी है… इसलिए वापस जा रहा हूं, जबकी उससे ये सच्चाई नहीं बताई की आंशिका को मारकर आ रहा हूं। इधर चाचा संजीव पहले से ही इस रिश्ते के खिलाफ था।हत्या की बात से अंजान चाचा ने गाड़ी उठाई और भतीजे को उसकी यूनिट में छोड़कर आ गया।
चाचा के लिए वो बेटे जैसा था, क्योंकि उसका खुद का कोई बेटा नहीं है और फौजी प्रवेश की मां की मौत बचपन में ही हो चुकी थी। बाद में पिता भी चल बसा। इसके बाद चाचा ने ही प्रवेश को पाला, पढ़ाया और सेना में भर्ती कराया, लेकिन चाचा को क्या पता था… कि आटे के साथ घुन भी पिस जाएगा।हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि चाचा इस सारे हत्याकांड में भतीजे के साथ कहां तक शामिल था और शामिल था भी या नहीं।
बताया जा रहा है कि चाचा को अंशिका की मौत का पता तब चला, जब उसकी लाश मिली और खबर फैली। पंजाब केसरी की रिपोर्ट के मुतिबक… फौजी प्रवेश ने स्वीकार कर लिया है कि उसने 23 सितम्बर की रात अंशिका को बुलाकर सेना से मिले चाकू से 2 बार गला रेतकर उसकी हत्या की। इसके बाद बाइक से पैट्रोल निकालकर उस पर डाला और जला दिया।
प्रवेश ने बताया कि अंशिका उससे लगातार पैसे की मांग करती थी और एटीएम कार्ड तक उसी के पास था और करीब 8 लाख रुपए खर्च कर चुकी थी… फिर भी और पैसे मांग रही थी। इसी दबाव और झगड़ों से तंग आकर उसने अंशिका को रास्ते से हटाने की साजिश रची और प्लानिंग के तहत हत्या को अंजाम दिया। पूरा मामला पेचिदा रहा है। प्रवेश पहले से विवाहित था और अंशिका भी। प्रवेश और अंशिका ही आपस में पति-पत्नी थे। दोनों का रिश्ता नहीं चला तो तलाक हो गया, लेकिन तलाक के बाद एक बार फिर दोनों प्रेम-प्रसंग में आए।
दोनों के बीच संबंध गहराते गए और उन्होंने कोर्ट मैरिज भी कर ली, लेकिन दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। बाद में परिवारों के बीच गिले-शिकवे मिटने के बाद तय हुआ कि 24 सितंबर को दोनों की सामाजिक रीति से शादी होगी। परिजन डोली उठाने की तैयारियों में थे, शादी के कपड़े और बाकी सामान पैक हो रहा था, लेकिन इसी बीच शादी से ठीक 24 घंटे पहले 23 सितंबर की रात को प्रवेश ने अंशिका की बेरहमी से हत्या कर दी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने हत्या करने के लिए इस्तेमाल चाकू सेना से मिला था… क्योंकि ट्रेनिंग में चाकू से दुश्मन को मारने का तरीका बताया जाता है। प्रवेश ने शव को जलाने के लिए अपनी बाइक का पैट्रोल निकाला, ताकि चेहरा बिगड़ जाए और उसकी पहचान न हो। हालांकि फौजी प्रवेश के किए ये खुलासे कितने सही है। ये जांच में ही पता चल पाएगा।








