हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल अम्ब की दिलवां पंचायत के दियाड़ा गांव के एक परिवार पर उस समय कहर टूट पड़ा, जब उसे पता चला कि उनके 21 वर्षीय बेटे की चंडीगढ़ से सटे खरड़ क्षेत्र में गाेली मारकर कर हत्या कर दी गई है। इस घटना काे किसी अनजान ने नहीं बल्कि युवक के दाेस्त ने ही अंजाम दिया है और वाे भी उस समय जब ये 21 वर्षीय अभागा नींद में था। मृतक युवक की पहचान शिवांग राणा के रूप में की गई है।
जानकारी के अनुसार शनिवार काे शिवांग अपने दोस्तों शामिन्दर, शिवांश, ओम और धीरज के साथ ऊना से चंडीगढ़ के लिए निकला था। उनका इरादा कुछ समय साथ बिताना और घूमना था। रात को सभी खरड़ स्थित एक रैस्टोरैंट में खाने-पीने का सामान लेने के लिए रुके। यहीं उनकी मुलाकात 2 अन्य युवकों हैरी और मानव से हुई। हैरी भी ऊना के बरनोह का रहने वाला बताया जा रहा है। सभी ने मिलकर समय बिताने का फैसला किया और पास के एक फ्लैट में चले गए, जहां उन्होंने खाना खाया और काफी मस्ती की।
मस्ती के दौरान हैरी ने अपने दोस्तों को बताया कि उसके पास एक पिस्तौल है। वह नीचे जाकर अपनी बाइक से वह हथियार लेकर आया और सभी को दिखाया। इसके बाद सभी दोस्त सो गए। रविवार सुबह हैरी और मानव अपने घर जाने की तैयारी कर रहे थे। मानव जूते पहन रहा था और बाकी दोस्त सो रहे थे। तभी अचानक हैरी ने पिस्तौल उठाई और सो रहे शिवांग पर गोली चला दी। गोली लगते ही शिवांग की मौके पर ही मौत हो गई।
यह भयानक वारदात करने के तुरंत बाद हैरी मौके से फरार हो गया। घटना से हक्के-बक्के बाकी दोस्त तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने फरार आरोपी हैरी की तलाश शुरू कर दी है और मामले की गहन जांच की जा रही है कि यह गोली गलती से चली या इसके पीछे कोई और मकसद था।
शिवांग की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव दियाड़ा पहुंची ताे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। शिवांग की माैत की खबर उसके परिवार पर वज्रपात बनकर टूटी है। बताया जा रहा है कि शिवांग के पिता का निधन पहले ही हो चुका था। अब वह अपनी मां और छोटे भाई को अकेला छोड़कर चला गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। 21 साल के एक हंसते-खेलते युवा की इस तरह अचानक मौत से हर कोई दुखी और स्तब्ध है।








