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हिमाचल: जब ‘डॉक्टर’ के मुंह से ऐसी बात सुनकर सन्न रह गई बीमार बेटी को लेकर अस्पताल पहुंची मां, वीडियाे में राेते हुए सुनाई आपबीती

हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत और डॉक्टरी पेशे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चम्बा के दुर्गम इलाके तीसा में एक मां अपनी 2-3 साल की बीमार बेटी को लेकर देर रात अस्पताल की चौखट पर पहुंची, लेकिन उसे इलाज की जगह ऐसे शब्द सुनने को मिले जिसने उसे अंदर तक तोड़ दिया। अब उस मां का रोता हुआ वीडियो हर किसी को झकझोर रहा है और लोग पूछ रहे हैं कि क्या किसी डॉक्टर की संवेदनाएं इस कदर मर सकती हैं?

यह घटना साेमवार रात करीब 11:30 बजे की है। तीसा की एक महिला अपनी मासूम बेटी के इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंची। उम्मीद थी कि भगवान का रूप कहे जाने वाले डॉक्टर उसकी बच्ची को राहत देंगे, लेकिन वहां नाइट ड्यूटी पर तैनात डॉ. कुलभूषण अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। मौके पर मौजूद नर्स ने डॉक्टर को फोन लगाया और बच्ची की हालत के बारे में बताया। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना बच्ची को देखे फोन पर ही नर्स को कुछ दवाइयां लिखवा दीं। यह देखकर बच्ची की मां ने आपत्ति जताई। एक मां की चिंता जायज थी, कि बिना जांच किए डॉक्टर मेरी बच्ची को दवा कैसे दे सकते हैं?

जब नर्स ने मां की यह चिंता डॉक्टर को बताई, तो फोन के दूसरी तरफ से जो जवाब आया, उसने उस बेबस मां को तोड़कर रख दिया। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने नर्स से कहा कि वह उंगली डालकर चैक थोड़ी करेंगे। नर्स के फोन का शायद स्पीकर ऑन था या आवाज तेज थी, जिस कारण यह बात बच्ची की मां ने भी सुन ली। यह सुनते ही वह सन्न रह गई और फूट-फूट कर रोने लगी।

अपने आंसू पोंछते हुए महिला ने घटना का एक वीडियो बनाया, जिसमें उसका दर्द और गुस्सा साफ झलक रहा है। वीडियो में वह रोते हुए कह रही है, डॉक्टर साहब को नींद इतनी ही प्यारी है तो उन्होंने नीट का एग्जाम पास ही क्यों किया? मेरी बच्ची के लिए ऐसी गंदी भाषा का इस्तेमाल करने वाले डॉक्टर पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे और कॉल डिटेल की जांच हो तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।

मामले के तूल पकड़ने के बाद बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि डॉ. कुलभूषण नाइट ड्यूटी पर थे, लेकिन जिस समय महिला अपनी बच्ची के लेकर आई उस समय वह खाना खाने के लिए अपने कमरे में गए थे। उन्होंने माना कि डॉक्टर ने फोन पर नर्स से बात की थी, लेकिन उनकी सीधी बात मरीज की मां से नहीं हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि लिखित शिकायत मिलती है तो मामले की पूरी जांच की जाएगी।

वहीं, चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक हंसराज शर्मा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे शर्मसार करने वाला करार देते हुए बीएमओ को निर्देश दिए हैं कि आरोपी डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पैंड किया जाए। उन्होंने कहा कि एक बेटी के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

देखें वीडियाे…

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Author: Desk

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