ढोल-नगाड़ों की गूंज, भगवान परशुराम और माता रेणुका के जयकारे, और हज़ारों श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास… इस अद्भुत माहौल के साथ शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले का भव्य आगाज़ हो गया। हालांकि, इस साल मेले की शुरूआत में एक मोड़ आया, जब परंपरा के निर्वहन के लिए मुख्यमंत्री का इंतज़ार कर रहे लोगों को थोड़ी मायूसी हाथ लगी। परंपरा के अनुसार प्रदेश के मुख्यमंत्री ही भगवान परशुराम की पालकी को कंधा देकर शोभायात्रा का शुभारंभ करते हैं। इस बार भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को दोपहर डेढ़ बजे ददाहू पहुंचना था। लोग पलकें बिछाए उनके आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनके चौपर में आई तकनीकी खराबी ने सारे कार्यक्रम को बदल दिया। मुख्यमंत्री समय पर नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बाद में खबर आई कि मुख्यमंत्री अब अंबाला से सड़क मार्ग के रास्ते रेणुका जी के लिए निकल चुके हैं, लेकिन तब तक शोभायात्रा का शुभ मुहूर्त बीत रहा था।
मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दिया पालकी को कंधा
मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आगे बढ़कर इस पवित्र परंपरा का मान रखा। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवान परशुराम जी की पालकी को कंधा दिया और भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ किया। इसी के साथ 6 दिवसीय मेले का शंखनाद हो गया। ददाहू स्कूल मैदान से शुरू हुई यह शोभायात्रा जब स्थानीय बाज़ार से गुज़री, तो हज़ारों लोगों ने श्रद्धा से सिर झुकाकर भगवान का आशीर्वाद लिया। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया था।

जब हुआ मां-बेटे का अलौकिक मिलन
देर शाम यह विशाल शोभायात्रा पवित्र रेणुका जी तीर्थ के त्रिवेणी संगम पर पहुंची। यहां वह भावुक और अलौकिक क्षण आया, जिसका सभी को इंतजार था। मान्यताओं के अनुसार यहां माता रेणुका जी और उनके पुत्र भगवान परशुराम का भव्य मिलन हुआ। इस दिव्य दृश्य के हजारों श्रद्धालु साक्षी बने और पूरी रेणुका घाटी माता रेणुका और भगवान परशुराम के जयकारों से गूंज उठी। यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मां-बेटे के प्रेम का जीवंत उत्सव था, जिसमें हिमाचल के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी डूबकर आस्था की डुबकी लगाई।
माता रेणुका जी की आरती में भी शामिल हुए मंत्री
इस दौरान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का जायजा लिया और देव घाट पर माता रेणुका जी की आरती में भी शामिल हुए। उनके साथ विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, नाहन के विधायक अजय सोलंकी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, लेकिन सबकी निगाहें मुख्यमंत्री के आने की राह तकती रहीं।








