प्रेम न सरहदों को मानता है और न ही भाषा की दीवारें देखता है। इस बात की जीती-जागती और खूबसूरत मिसाल हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में देखने को मिली, जहां सात समंदर पार से आया प्यार हिंदू रीति-रिवाजों के पवित्र बंधन में बंध गया। रविवार को पांवटा साहिब की वादियां उस वक्त गवाह बनीं, जब श्रीलंका के दूमिन्दु विथानागे अपनी दुल्हनिया रशिका नेगी को लेने न्यूजीलैंड से बारात लेकर पहुंचे।
कोरोना काल में शुरू हुई प्रेम कहानी
यह कहानी न्यूजीलैंड में शुरू हुई थी। सिरमौर के सुदूर शिलाई क्षेत्र के बशवा गांव की रशिका नेगी (पुत्री राजेंद्र नेगी व राज कुमारी) और श्रीलंका के दूमिन्दु दोनों ही न्यूजीलैंड में नौकरी करते हैं। कोरोना के मुश्किल दौर में जब दुनिया घरों में कैद थी तब इन दोनों के दिल मिले। अच्छी बात यह रही कि दोनों के परिवारों ने न केवल इनके प्यार को समझा, बल्कि अपनी रजामंदी देकर इसे विवाह के पवित्र बंधन तक पहुंचाया।
जब पहाड़ी नाटी पर थिरके विदेशी मेहमान
शादी का माहौल एक ग्लोबल विलेज जैसा नजर आया। दूल्हे के साथ अमेरिका, न्यूजीलैंड और श्रीलंका से आए दोस्त जब हिमाचली बरातियों के साथ मिले तो सांस्कृतिक दूरियां मिट गईं। लोक गायक अज्जू तोमर और अजय चौहान ने जब पहाड़ी और उत्तराखंडी गीतों की तान छेड़ी, तो विदेशी मेहमान खुद को रोक नहीं पाए। रासा नृत्य में स्थानीय लोगों के साथ कदम से कदम मिलाकर नाटी डालते विदेशियों को देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। वहीं, श्रीलंकाई गीतों पर हिमाचली बरातियों का डांस दो संस्कृतियों के मिलन का प्रतीक बन गया।
जूता चुराई की रस्म ने जीता दिल
शिलाई की स्थानीय महिलाओं गीता, सरिता और बिमला ने बताया कि विदेशी मेहमानों को यहां का अपनापन बहुत भाया। शुरुआत में विदेशी मेहमान भारतीय शादी की लंबी रस्मों को लेकर थोड़े संकोच में थे, लेकिन यहां के रस्मो-रिवाज और हंसी-ठिठोली ने उनका दिल जीत लिया। खासकर, जब दूल्हे की सालियों ने जूता चुराई की रस्म निभाई, तो हंसी के ठहाकों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। मेहमानों ने स्वीकार किया कि भारत की गर्मजोशी और रंग-बिरंगी परंपराओं का कोई सानी नहीं है।
सियासी दूरियां मिटाकर एक हुए नेता
इस शादी ने न केवल दो देशों को जोड़ा, बल्कि प्रदेश की राजनीति के धुर विरोधियों को भी एक मंच पर ला खड़ा किया। शादी समारोह में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और पूर्व विधायक बलदेव तोमर जैसे दिग्गज नेता एक साथ हंसी-ठिठोली करते नजर आए। सियासी कड़वाहट भूलकर सभी ने एक सुर में सिरमौर की बेटी और विदेशी दामाद को आशीर्वाद दिया।








