अक्सर हम पुलिसवालों को कानून-व्यवस्था संभालते या फाइलों में उलझे देखते हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश पुलिस की महिला कांस्टेबल नेहा सैनी की कहानी थोड़ी अलग है। उनके एक हाथ में देश सेवा के लिए ‘खाकी’ का गौरव है, तो दूसरे हाथ में ‘क्रिकेट’ के प्रति कभी न खत्म होने वाला जुनून। मंडी एसपी ऑफिस में अपनी सेवाएं दे रही नेहा सैनी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो ‘ड्यूटी’ और ‘पैशन’ दोनों एक साथ निभाए जा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) ने नेहा सैनी की प्रतिभा और अनुभव पर भरोसा जताते हुए उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। नेहा को हिमाचल की महिला अंडर-19 टीम का मैनेजर नियुक्त किया गया है। अब वह 30 नवंबर से 22 दिसंबर तक देहरादून और लखनऊ में होने वाले बीसीसीआई (BCCI) वुमन्स अंडर-19 वन डे टूर्नामैंंट में टीम का मनोबल बढ़ाती नजर आएंगी।
सुंदरनगर की गलियों से निकलीं नेहा का क्रिकेट से नाता आज का नहीं है। यह सफर 2006 में शुरू हुआ था, जब हिमाचल में महिला क्रिकेट अपने शुरुआती दौर में था। 2011 तक वे एक धाकड़ खिलाड़ी के रूप में मैदान पर डटी रहीं। इसी बीच 2010 में उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनी। आमतौर पर नौकरी के बाद शौक पीछे छूट जाते हैं, लेकिन नेहा ने अपनी पुलिस की नौकरी को अपने क्रिकेट प्रेम के आड़े नहीं आने दिया।
नेहा सिर्फ एक पूर्व खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि अब वे नई पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक भी हैं। वे 2023 से लगातार एचपीसीए की अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ बतौर मैनेजर जुड़कर अपने अनुभव साझा कर रही हैं। जो बारीकियां उन्होंने बतौर खिलाड़ी सीखी थीं, अब वे हिमाचल की उभरती हुई क्रिकेटरों को सिखा रही हैं।
अपनी इस कामयाबी का श्रेय नेहा अकेले नहीं लेतीं। उन्होंने भावुक होते हुए मंडी की एसपी साक्षी वर्मा, डीएसपी (हैडक्वार्टर) दिनेश कुमार और मंडी क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का दिल से आभार जताया है। नेहा का कहना है कि अगर पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों का सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिलता तो खाकी वर्दी के साथ खेल के इस जुनून को जिंदा रखना नामुमकिन था।
देहरादून और लखनऊ के मैदानों पर जब हिमाचल की बेटियां चौके-छक्के लगाएंगी तो डगआउट में बैठीं नेहा सैनी की मौजूदगी उन्हें यह अहसास दिलाएगी कि अनुशासन और खेल का तालमेल कैसे जीत की इबारत लिखता है।








