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घोर कलयुग: हिमाचल में पहली बार हुआ ऐसा कांड, श्मशानघाट का लॉकर तोड़ा और चुरा ले गए अस्थियां

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर संवेदनशील इंसान की रूह को झकझोर दिया है। हम अक्सर समाज में धन-दौलत, जेवर और पैसों की चोरी की खबरें सुनते हैं, लेकिन चंबाघाट श्मशानघाट में चोरों ने जिस चीज पर हाथ साफ किया, वह कोई कीमती धातु नहीं, बल्कि एक बेटे की ‘आस्था’ और एक मां की ‘आखिरी निशानी’ थी। यहां एक लॉकर का ताला तोड़कर एक बुजुर्ग महिला की अस्थियां चोरी कर ली गईं। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे शहर में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।

बता दें कि लोअर बाजार सोलन के रहने वाले कमल पाल ने 16 दिसम्बर को अपनी मां को खो दिया था। एक बेटे के लिए मां का जाना दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है। भारी मन से उन्होंने चंबाघाट स्थित श्मशानघाट में मां का अंतिम संस्कार किया। रस्मों के मुताबिक, उसी शाम उन्होंने मां की अस्थियों (फूल) को श्मशानघाट के लॉकर में सुरक्षित रखा, अपने हाथों से ताला लगाया और चाबियां लेकर घर आ गए।

गुरुवार की सुबह जब 10वें दिन की रस्म (दसवां) और अस्थि विसर्जन के लिए कमल पाल सुबह 4 बजे श्मशानघाट पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस लॉकर में उन्होंने मां की अस्थियां रखी थीं, उसका ताला टूटा हुआ था। अंदर न तो अस्थियों का कलश था और न ही कोई और सामान। कमल पाल को आज ही हरिद्वार के लिए निकलना था, लेकिन अब उनके पास मां की वो निशानी ही नहीं थी, जिसे वे गंगा जी में प्रवाहित कर उन्हें मोक्ष दिला पाते।

कल्पना कीजिए उस बेटे की बेबसी की, जो अपनी मां को अंतिम विदाई भी ठीक से न दे पाए। हताश कमल पाल ने हरिद्वार में अपने पंडित जी को फोन पर पूरी बात बताई। पंडित जी ने जो उपाय बताया, वह इस घटना की गंभीरता को और बढ़ा देता है। उन्होंने कहा कि बेटा, विधि तो पूरी करनी होगी। तुम चांदी की प्रतीकात्मक अस्थियां बनवाकर ले आओ, उसी से दसवां और विसर्जन किया जाएगा।

सोलन के इतिहास में इस तरह की यह पहली घटना है। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों को गहरा शक है कि अस्थियों की चोरी किसी तांत्रिक क्रिया या गलत इस्तेमाल के लिए की गई हो सकती है। लोगों का कहना है कि अगर श्मशानघाट जैसी पवित्र जगह, जहां इंसान की जीवन यात्रा समाप्त होती है, वहां भी सुरक्षा नहीं है, तो फिर सुरक्षित क्या है?

स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से भावुक अपील की है। उन्होंने मांग की है कि श्मशानघाट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और उन दरिंदों को पकड़ा जाए जिन्होंने एक परिवार की भावनाओं का कत्ल किया है। यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और नैतिक गिरावट का एक डरावना चेहरा है।

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Author: Desk

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