कभी-कभी आंखों देखा भी सच नहीं होता…और कभी-कभी हम बिना सच्चाई जाने, उन हाथों को झटक देते हैं जो असल में किसी की डूबती सांसों को थामने के लिए बढ़े थे। हिमाचल प्रदेश के चम्बा से एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जिसने पहले सोशल मीडिया पर लोगों का खून खौलाया, लेकिन जब सच सामने आया… तो अब हर किसी का सिर शर्म और सम्मान से झुक गया है। हम आपको मिलवाते हैं उन दो नौजवानों से, जिन्हें दुनिया ने ‘विलेन’ समझा, लेकिन वो असल जिंदगी के ‘सुपरहीरो’ निकले।
बीते राेज चंबा में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक गाड़ी 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक मंजर में एक पति-पत्नी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, लेकिन कुदरत को कुछ और मंजूर था। हिमाचल के मशहूर लोक गायक जगदीश सोनी मौत के मुंह से बच निकले। घायल, खून से लथपथ और दर्द से कराहते हुए जगदीश किसी तरह रेंगते हुए सड़क तक पहुंचे। उन्हें लगा था कि सड़क पर आते ही मदद मिल जाएगी, लेकिन अफसोस! इंसानियत शायद गहरी नींद में थी।
जगदीश के सामने से करीब 40 गाड़ियां और बाइक्स गुजरीं। वो चीखते रहे, मदद की भीख मांगते रहे, लेकिन कोई नहीं रुका। तमाशबीन बने लोग एक्सीडैंट देखकर बस आगे बढ़ गए। तभी वहां सलूणी निवासी दो युवक रोहित और अभी ठाकुर पहुंचे। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें जगदीश सोनी दर्द से तड़प रहे थे और ये लड़के वीडियो बना रहे थे। यह देखकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। लोगों ने इन लड़कों को जमकर कोसा, गालियां दीं और कहा कि इंसानियत मर चुकी है…लेकिन सच वो नहीं था जो दिखा।
अस्पताल के बिस्तर पर मौत को मात देकर लेटे जगदीश सोनी ने खुद उस दिन का सच बताया है। उन्होंने कहा कि वो दोनों लड़के हैवान नहीं, मेरी जिंदगी के भगवान हैं। हकीकत यह थी कि रोहित और अभी बाइक पर थे। बुरी तरह घायल जगदीश को बाइक पर ले जाना नामुमकिन था। उन लड़कों ने दर्जनों गाड़ियों को हाथ दिया, मदद मांगी, लेकिन जब कोई नहीं रुका तो अपनी बेबसी और समाज की बेरुखी दिखाने के लिए और शायद मदद की गुहार लगाने के लिए उन्होंने वो वीडियो बनाया था। वो वीडियो जगदीश सोनी की सहमति से ही बना था।
जब किसी गाड़ी वाले ने दिल नहीं दिखाया तो इन दोनों युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सड़क के बीचोंबीच खड़े होकर एक बस को रुकवाया, जाम लगवाया और जिद करके जगदीश सोनी को अस्पताल पहुंचाया। अगर रोहित और अभी न होते तो शायद आज हिमाचल ने अपना एक कलाकार खो दिया होता। आज जगदीश सोनी अस्पताल में हैं, उनका ऑप्रेशन है, लेकिन उनकी जुबान पर सिर्फ उन दो अनजान फरिश्तों का नाम है। वो कहते हैं कि ठीक होते ही मैं सबसे पहले उन भगवान के बंदों से मिलूंगा।
यह घटना हमारे समाज के लिए एक आईना है। बिना सोचे-समझे किसी को ट्रोल करना या बुरा-भला कहना कितना आसान है, लेकिन उस वक्त मदद के लिए खड़े रहना उतना ही मुश्किल। रोहित और अभी ठाकुर ने गालियां खाईं, बदनामी झेली, लेकिन एक जान बचाकर इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म निभाया। हमारा फर्ज है कि आज हम इन असली हीरो का सम्मान करें। इस खबर को इतना शेयर करें कि रोहित और अभी ठाकुर तक लोगों का प्यार पहुंचे और बिना सच्चाई जाने ट्रोल करने वालों को अपनी गलती का अहसास हो।







