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हिमाचल की इस अनाेखी शादी ने जीता सबका दिल, 3-4 फुट बर्फ के बीच 14 KM पैदल चलकर दुल्हन को घर लाया दूल्हा

कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो कुदरत की बंदिशें भी रास्ते नहीं रोक सकतीं। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में यह कहावत सच साबित हुई है। सराज घाटी में हुई भारी बर्फबारी, कड़ाके की ठंड और बंद सड़कों के बीच एक ऐसी शादी हुई, जो अब पूरे इलाके में साहस और प्रेम की मिसाल बन गई है। बुनालीधार के गितेश ठाकुर ने बर्फ के बीच 7 किलोमीटर पैदल चलकर न केवल शादी की रस्में निभाईं, बल्कि अपनी दुल्हन को भी पैदल ही विदा कराकर घर लाए।

बर्फबारी से थम गए थे पहिए, लेकिन नहीं रुकी बरात

बीते शुक्रवार को मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों जंजैहली, बगस्याड, लम्बाथाच और थुनाग में भारी बर्फबारी हुई। केओली पंचायत और बुनालीधार इलाके में 3 से 4 फीट तक बर्फ गिरने से सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं। गाड़ियां चलनी मुश्किल थीं, लेकिन गितेश ठाकुर की शादी की तारीख तय थी। हालात को देखते हुए दूल्हे गितेश ने ऐतिहासिक फैसला लिया। उन्होंने गाड़ियों का मोह छोड़ा और सीमित बरातियों के साथ पैदल ही दुल्हन के घर जाने की ठानी। बुनालीधार से निकली यह बरात कमीशरधार और थनुटा के दुर्गम और फिसलन भरे रास्तों से गुजरते हुए करीब चार घंटे में दुल्हन के गांव बैंचड़ी पहुंची।

बर्फीली वादियों के बीच लिए सात फेरे

बैंचड़ी गांव में प्रकृति की सफेद चादर के बीच विवाह की रस्में अदा की गईं। कड़ाके की ठंड के बावजूद अलाव की गर्माहट और अपनों के उत्साह ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। बिजली न होने के कारण अंधेरे में ही विवाह की रस्में पूरी की गईं और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गितेश और ऊषा परिणय सूत्र में बंधे। इस सादगी भरी शादी ने बिना किसी तामझाम के यह संदेश दिया कि रिश्तों की गर्माहट मौसम की ठंडक पर भारी पड़ती है।

डोली नहीं, पैदल ही ससुराल चली दुल्हन

शादी के बाद सबसे बड़ी चुनौती विदाई की थी। रास्तों पर जमी बर्फ और फिसलन के कारण पालकी उठाना या गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता था। ऐसे में सुबह करीब 7:15 बजे दुल्हन ऊषा ठाकुर ने भी अद्भुत साहस दिखाया। पारंपरिक विदाई के साधनों को छोड़कर, वह अपने पति के साथ पैदल ही ससुराल के लिए निकल पड़ीं। घुटनों तक बर्फ, खड़ी चढ़ाई और सर्द हवाओं का सामना करते हुए, नवदंपति और परिजनों ने 4 घंटे का कठिन सफर तय किया और सुबह 11 बजे सुरक्षित बुनालीधार पहुंचे।

सराज के इतिहास में यादगार लम्हा

सराज की यह शादी अब सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जहां भारी बर्फबारी अक्सर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर देती है, वहीं इस जोड़े ने साबित कर दिया कि सच्चा प्यार और मजबूत हौसला किसी भी बाधा को पार कर सकता है। यह शादी सराज के इतिहास में एक यादगार लम्हा बन गई है।

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Author: Desk

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