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Video: चम्बा में खाकी का रौब! जब सवाल पूछने पर पुलिस कर्मी भूल गए मर्यादा, वरिष्ठ पत्रकार से की बदसलूकी

जिस खाकी वर्दी पर आम आदमी की सुरक्षा का जिम्मा होता है, अगर वही वर्दी अहंकार का प्रतीक बन जाए, तो समाज में न्याय की उम्मीद किससे की जाए? हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और उसके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चम्बा की सर्द वादियाें में उस समय गर्माहट फैल गई जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी एक वरिष्ठ पत्रकार ने पुलिस कर्मियाें से सिर्फ एक वाजिब सवाल पूछ लिया।

घटना पुलिस चौकी द्रडा के पास की है। जिला पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार शिव शर्मा एक टैक्सी में सफर कर रहे थे। पुलिस ने टैक्सी को रोका और चालक के वर्दी न पहने होने पर उसका चालान काट दिया। चालक ने अपनी गलती मानी और 500 रुपए का जुर्माना भी भर दिया। कानून का यह पालन स्वागत योग्य था। लेकिन, विडंबना तब देखने को मिली जब उसी दौरान वहां से गुजरी एक निजी गाड़ी में बैठे लोगों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, मगर पुलिस ने उन्हें बिना रोके-टोके जाने दिया। इसी दोहरे रवैये को देख जब शिव शर्मा ने वहां मौजूद सिटी चौकी अधिकारी से सवाल किया कि नियम तो सबके लिए बराबर हैं, तो उस गाड़ी का चालान क्यों नहीं हुआ? तो यह सवाल पुलिस कर्मियों को नागवार गुजरा।

आरोप है कि सवाल सुनते ही नीली जैकेट पहने एक पुलिसकर्मी ने तंज कसते हुए कहा कि आप अपनी आंखें चेक करवाओ। बात यहीं नहीं रुकी, एक अन्य पुलिस कर्मी ने आपा खो दिया और वरिष्ठ पत्रकार के साथ हाथापाई शुरू कर दी। हद तो तब हो गई जब पत्रकार से उनका कैमरा छीनने की कोशिश की गई।

हैरानी की बात यह रही कि यह सब तमाशा चौकी इंचार्ज की आंखों के सामने होता रहा, लेकिन उन्होंने अपने अधिनस्थों को रोकने की जहमत नहीं उठाई। उनकी यह खामोशी बता रही थी कि शायद वर्दी के नशे में आम नागरिक के सम्मान की कोई कीमत नहीं है।

पीड़ित पत्रकार शिव शर्मा ने बेहद भावुक और गंभीर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस वाले अपनी खाकी वर्दी के नशे में चूर होकर अगर एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार कर सकते हैं, तो सोचिए एक आम और गरीब आदमी के साथ इनका रवैया कैसा होता होगा? यह घटना सिर्फ एक चालान या बहस की नहीं है, यह उस मानसिकता की है जो सवाल पूछने को अपराध मानती है।

जिला पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष शिव शर्मा ने पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि दोषी पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी अपनी वर्दी की आड़ में किसी नागरिक के आत्मसम्मान को ठेस न पहुंचा सके। अब देखना यह होगा कि चम्बा पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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Author: Desk

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