वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

मंडी: कुदरती आफत ने खाेली सिस्टम की पाेल, 3 फुट बर्फ में बुजुर्ग मरीज को कंधाें पर उठाकर 10 किमी पैदल चले ग्रामीण

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में हुई भारी बर्फबारी ने जहां नजारों को खूबसूरत बनाया है, वहीं मंडी जिले के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में यह बर्फबारी लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। वीरवार को सराज घाटी की पंचायत घाट के छलाई गांव से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने सरकारी दावों की पोल खोलते हुए मानवता और अटूट हौसले की मिसाल पेश की।

सांस की बीमारी से जूझ रहे 75 वर्षीय बुजुर्ग की बिगड़ी तबीयत

जब व्यवस्थाएं दम तोड़ देती हैं तो अपनों का साथ ही सहारा बनता है। छलाई गांव के 75 वर्षीय बुजुर्ग शिव राम जो लंबे समय से सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं, वीरवार सुबह अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए। चलने-फिरने में असमर्थ शिव राम के लिए एम्बुलेंस बुलाना नामुमकिन था, क्योंकि सड़कें कई फुट बर्फ के नीचे दफन थीं। ऐसे में गांव के युवाओं और स्थानीय लोगों ने हार नहीं मानी। उन्होंने लकड़ियों और चारपाई की एक अस्थायी पालकी बनाई और बुजुर्ग को कंधे पर उठाकर 3 फुट गहरी बर्फ के बीच सफर शुरू किया।

3 घंटे में किया 10 किलोमीटर का पैदल सफर

शून्य से नीचे के तापमान और घुटनों तक धंसी बर्फ के बीच ग्रामीणों ने 10 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर शिव राम को गाड़ागुशैणी पहुंचाया। इस 3 घंटे के चुनौतीपूर्ण सफर में हर कदम पर जान का जोखिम था, लेकिन ग्रामीणों का बुलंद हौसला कम नहीं हुआ। गाड़ागुशैणी पहुंचने के बाद मरीज शिव राम काे निजी वाहन से बंजार अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर कर दिया है।

विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणाें ने उठाए सवाल

स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि धूप खिले कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन गाड़ागुशैणी-घाट सड़क से बर्फ हटाने की रफ्तार कछुआ गति से भी धीमी है। लोक निर्माण विभाग ने डेढ़ हफ्ते में महज 3 किलोमीटर सड़क साफ की है। एक ही मशीन के भरोसे छोड़े गए इस मार्ग के कारण न केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि यहां की 8 टैक्सियां भी फंसी हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों का रोजगार ठप्प हो गया है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी

मामले काे लेकर जब लोक निर्माण विभाग बालीचौकी के सहायक अभियंता भूपेंद्र शर्मा से बात की गई ताे उन्हाेंने कहा कि सड़क पर 3 से 4 फुट तक भारी बर्फ जमा है, जिससे बहाली कार्य में बाधा आ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि विभाग पूरी मेहनत से जुटा है और अगले 2 दिनों के भीतर सड़क को बहाल कर दिया जाएगा।

आज भी पहाड़ों में इलाज मिलना किसी जंग जीतने से कम नहीं

मंडी के ग्रामीण इलाकों से आई यह खबर न केवल प्रशासन के आपदा प्रबंधन पर सवालिया निशान लगाती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि आज भी पहाड़ों में इलाज मिलना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। शिव राम को अस्पताल तक पहुंचाने वाले ग्रामीणों का साहस आज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Desk
Author: Desk

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें
error: Content is protected !!