कहते हैं कि मौत का कोई वक्त नहीं होता, लेकिन जब मौत किसी तंदुरुस्त और खेल के मैदान में पसीना बहा रहे शख्स को अचानक अपनी आगोश में ले ले, तो रूह कांप जाती है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बैजनाथ में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां फिट रहने की कोशिश ही एक शख्स के जीवन का आखिरी सफर बन गई।
पानी का घूंट बना आखिरी लम्हा
पेशे से ठेकेदार 55 वर्षीय रवि राणा हर रोज की तरह शुक्रवार सुबह 5:30 बजे बचत भवन के इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन खेलने पहुंचे थे। वे इलाके के एक एक्टिव खिलाड़ी थे और योग व खेल के जरिए खुद को पूरी तरह फिट रखते थे। एक गेम खत्म करने के बाद रवि थकान मिटाने के लिए कुर्सी पर बैठे और प्यास बुझाने के लिए पानी की बोतल उठाई। लेकिन किसे पता था कि पानी का वो घूंट उनकी जिंदगी का आखिरी घूंट होगा। पानी पीते ही रवि एक तरफ लुढ़क गए।
मुंह से निकला खून, स्टेडियम में मच गई अफरा-तफरी
पास में मौजूद साथियों ने जब उन्हें गिरते देखा तो तुरंत उनकी तरफ भागे। जब उन्हें सीधा किया गया तो उनके मुंह से खून बह रहा था। स्टेडियम में अफरा-तफरी मच गई। साथी खिलाड़ी उन्हें आनन-फानन में बैजनाथ अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, रवि राणा को अचानक आए मैसिव कार्डियक अरेस्ट ने संभलने तक का मौका नहीं दिया।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
रवि राणा अपने पीछे पत्नी और बेटी को छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। सुबह जो शख्स हंसते-खेलते और सेहत बनाने की बात कहकर घर से निकला था, उसकी मौत की खबर ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। लोगों का कहना है कि रवि राणा इतने फिट थे कि उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता था कि उनके साथ ऐसा कुछ हो सकता है।
अरबी के पत्ते पर पानी की बूंद जैसी है जिंदगी
यह घटना हमें याद दिलाती है कि जिंदगी अरबी के पत्ते पर पानी की बूंद जैसी है। जिस खेल और कसरत को हम लंबी उम्र का जरिया मानते हैं, वहीं पर मौत घात लगाए बैठी थी। रवि राणा के खेल के कायल लोग आज उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी भी है जो अत्यधिक शारीरिक श्रम करते हैं। डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं कि उम्र के एक पड़ाव के बाद बहुत अधिक हाई-इंटेंसिटी वर्कआऊट से पहले दिल की जांच जरूरी है। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।








