हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही अनिश्चितता पर अब विराम लग गया है। प्रदेश सचिवालय में वित्त सचिव द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को लेकर दी गई एक प्रेजेंटेशन के बाद युवाओं में यह डर बैठ गया था कि सरकार खाली पदों को समाप्त कर सकती है। लेकिन दिल्ली दौरे से लौटते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट कर प्रदेश के लाखों बेरोजगारों को बड़ी राहत दी है।
किसी भी सरकारी पद को खत्म नहीं करेगी सरकार
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दोटूक शब्दों में कहा कि प्रदेश सरकार किसी भी सरकारी पद को खत्म नहीं करेगी। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के अवसर निरंतर मिलते रहेंगे। सरकार युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करेगी। बता दें कि वित्त सचिव की प्रेजेंटेशन के बाद सोशल मीडिया और युवा संगठनों के बीच भारी आक्रोश और चिंता देखी जा रही थी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को डर था कि यदि रिक्त पद समाप्त कर दिए गए, तो उनके पास रोजगार के अवसर सीमित हो जाएंगे।
आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए कड़े कदम उठा रही सरकार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले केंद्र से RDG के रूप में 54 हजार करोड़ रुपए मिलते थे, लेकिन अब सरकार अपनी नीतियों के जरिए अगले पांच सालों में इससे भी ज्यादा फंड खुद अर्जित करेगी।
खर्चों में की कटौती और आय के ढूंढे नए स्रोत
सीएम ने पिछली सरकार और वर्तमान सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए कई उदाहरण पेश किए। मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल भवन और सदन में विधायकों को मिलने वाला 100 रुपए का कमरा अब 1200 रुपए में दिया जा रहा है। मंत्रियों और विधायकों को मिलने वाली फ्री बिजली बंद कर दी गई है, साथ ही बड़े होटलों की सब्सिडी भी समाप्त कर दी गई है। सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने शराब के ठेके रिन्यू कर 4 साल में मात्र 160 करोड़ कमाए थे, जबकि उनकी सरकार ने ऑक्शन (नीलामी) के जरिए एक साल में ही 460 करोड़ रुपए की कमाई की है। वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए 401 करोड़ रुपए वसूलने की बात कही है।
विरोधियों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के फैसलों से केवल उन्हीं लोगों को ठेस पहुंची है जो सरकारी खजाने को लूटकर लाभ कमाते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के हित में लिए जा रहे कड़े फैसलों के कारण ही ऐसे लोग उनके विरोधी बन गए हैं, लेकिन सरकार आम जनता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।








