हरियाणा राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आज चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त डॉ. साकेत कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभाग के महानिदेशक अशोक कुमार मीणा सहित प्रदेशभर के नगर निकायों के अधिकारी शामिल हुए।
सर्वे न करने पर कनिष्ठ अभियंता निलंबित
बैठक के दौरान विकास कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया गया। म्हारी सड़क योजना के तहत सड़कों का सर्वे न करने के कारण नगर पालिका शाहाबाद के कनिष्ठ अभियंता (जेई) को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने और सचिव को चार्जशीट करने के आदेश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
तय समयसीमा में पूरे होंगे विकास कार्य, बजट का होगा पारदर्शी उपयोग
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। स्मार्ट रोड, स्मार्ट मार्केट, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और दिव्यांगजनों के लिए अल्ट्रा मॉडर्न पार्क जैसी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी लंबित घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर तय समयसीमा में पूरा किया जाए और बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो।
शहरों से खत्म होंगे पुराने कचरे के पहाड़
शहरी स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। इसके साथ ही, पुराने कचरे के ढेरों (लीगेसी वेस्ट) के निस्तारण और कचरे की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग पर जोर दिया गया। मुख्य मार्गों और आंतरिक गलियों में मैकेनिकल स्वीपिंग के माध्यम से नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
मानसून से पहले नालों की सफाई के निर्देश
आगामी मानसून के मद्देनजर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए विशेष निर्देश दिए गए। डॉ. साकेत कुमार ने कहा कि वर्षा ऋतु से पहले सभी नालों और ड्रेनों की सफाई का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि नागरिकों को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
पीएम स्वनिधि से सशक्त होंगे रेहड़ी-पटरी संचालक
केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा गया कि अधिक से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को योजना से जोड़कर उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही, म्हारी सड़क योजना के अंतर्गत शहरी सड़कों की डिजिटल मैपिंग और सर्वे कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर बल दिया गया ताकि भविष्य के विकास कार्यों की सटीक योजना बनाई जा सके।








