हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने की आशंकाओं के बीच सुक्खू सरकार ने रोजगार के मोर्चे पर बड़ा संदेश दिया है। विपक्ष जहां बेरोजगारी के मुद्दे पर लगातार हमलावर था, वहीं कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 1 हजार से अधिक पदों को भरने की मंजूरी देकर युवाओं को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में न केवल नौकरियों का पिटारा खोला गया, बल्कि 2026-27 के लिए नई टोल टैक्स और आबकारी (शराब) नीति को भी हरी झंडी दी गई है।
नौकरियों के लिहाज से देखें तो सबसे बड़ा फैसला शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में हुआ है। सरकार ने प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 नए पद सृजित किए हैं, जिनमें संगीत, खेल और ड्राइंग शिक्षकों की भर्तियां होंगी। इसके अलावा भर्ती निदेशालय में सिविल इंजीनियरों के 190 और क्लर्क (JOA-IT) के 151 पद भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में भी 150 असिस्टैंट स्टाफ नर्स, 40 फार्मेसी ऑफिसर और 30 रेडियोग्राफर की भर्ती होगी, साथ ही महिला होमगार्ड्स को अब 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का मानवीय फैसला भी लिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए कैबिनेट ने 1617 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है। इसका मकसद अस्पतालों को इतना आधुनिक बनाना है कि मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। अस्पतालों में मशीनें खराब न हों, इसके लिए उनके रखरखाव की नई पॉलिसी लागू होगी। शिमला, ऊना और बिलासपुर समेत कई जिलों के अस्पतालों में नई मशीनें खरीदी जाएंगी और क्रिटिकल केयर यूनिट्स बनाई जाएंगी। नाहन मेडिकल कॉलेज में इम्यूनो हेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना और आवश्यक पदों का सृजन कर भरने की स्वीकृति दी गई है।
सामाजिक सुरक्षा के तहत सरकार ने बड़ा दिल दिखाया है। अब 70 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को शादी पर 50 हजार की जगह सीधे 2 लाख रुपए की मदद मिलेगी। वहीं, ‘सुख शिक्षा योजना’ में बदलाव करते हुए विधवा महिलाओं की बेटियों की प्रोफैशनल पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी। अगर उन्हें हॉस्टल नहीं मिलता है, तो सरकार 3000 रुपए महीना किराया भी देगी। इसके अलावा, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए नई ‘संकल्प योजना’ शुरू की जाएगी।
शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। राज्य के 31 लड़कों और लड़कियों के अलग-अलग स्कूलों को मिलाकर अब को-एड (सह-शिक्षा) स्कूल बनाया जाएगा। 777 स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम बनेंगे। खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए शिमला के चौपाल और जुब्बल, सिरमौर के शिलाई और बिलासपुर के मोरसिंघी में वॉलीबॉल, कबड्डी, बॉक्सिंग और हैंडबॉल के नए खेल छात्रावास खोले जाएंगे। चंबा जिले के लिए एक डिजिटल और स्किल यूनिवर्सिटी खोलने का निर्णय भी लिया गया है। बिलासपुर जिले के लुहणू खेल छात्रावास की बिस्तर क्षमता 80 से बढ़ाकर 100 करने का निर्णय लिया गया है।
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग में भी बदलाव हुए हैं। सिरमौर जिले में लोक निर्माण विभाग के दफ्तरों का पुनर्गठन अब विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से होगा। सड़कों के गड्ढे भरने और उनकी मुरम्मत के लिए एक पक्का नियम (SOP) बनाया गया है ताकि काम में पारदर्शिता आए। बैठक में आगामी बजट सत्र के लिए राज्यपाल के अभिभाषण को भी मंजूरी दे दी गई है, साथ ही लॉटरी के नियम तय करने के लिए मंत्रियों की एक उप-समिति बनाई गई है।







