हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पानीपत जिले के विकास को गति देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की राज्य स्तरीय समिति (SLC) की बैठक में पानीपत के बहोली क्षेत्र के ‘विकास नियोजन’ (डिवैल्पमैंट प्लान) पर विस्तार से चर्चा की गई और इसे मंजूरी प्रदान कर दी गई।
रिफाइनरी के आसपास होगा नियोजित विकास
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस योजना को विशेष रूप से पानीपत ऑयल रिफाइनरी की मौजूदा स्थिति और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रिफाइनरी के आसपास होने वाली सहायक गतिविधियों को सही ढंग से चलाने और विनियमित करने के लिए विभाग ने नवीनतम नीतियों के तहत यह प्लान बनाया है।
वर्ष 2031 तक का विजन तैयार
सरकार ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह खाका खींचा है। अनुमान है कि वर्ष 2031 तक इस क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 65 हजार हो जाएगी। इसी आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए योजना में आवासीय (घर), वाणिज्यिक (दुकानें), परिवहन (सड़कें), सार्वजनिक सुविधाएं और हरियाली के लिए खुले क्षेत्र का प्रस्ताव रखा गया है।
आम जनता से मांगे जाएंगे सुझाव
लोकतंत्र में पारदर्शिता रखते हुए, अब इस योजना पर आम जनता की राय ली जाएगी। विभाग जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा। अधिसूचना जारी होने के 30 दिनों के भीतर लोग अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। जनता की राय पर विचार करने के बाद ही अंतिम विकास योजना प्रकाशित की जाएगी, जिससे क्षेत्र का सही विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, राजा शेखर वुंडरू, एके सिंह, अनुराग अग्रवाल, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. साकेत कुमार और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री मौजूद रहे। वहीं, पानीपत और करनाल के उपायुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।








