सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऑडियो क्लिप आग की तरह फैल रही है, जिसने शिक्षा विभाग से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि यह ऑडियो हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट के किसी परीक्षा केंद्र का है, जहां एक अभिभावक और एग्जामिनेशन सुपरिंटेंडेंट के बीच सेटिंग का खेल चल रहा है।
वायरल ऑडियो की शुरुआत ‘अस्सलाम वालेकुम’ से होती है और खत्म होती है नकल की एक फुल-प्रूफ प्लानिंग पर। बातचीत में एक अभिभावक अपने साढ़ू साहब (जो कि एग्जाम सुपरिंटेंडेंट बताए जा रहे हैं) से बेटे को पास करवाने की गुहार लगा रहा है।
अभिभावक कहता है कि साढ़ू साहब, मेरी इज्जत का सवाल है… कैसे भी करके लड़का पास होना चाहिए। आपका सेवा-पानी हो जाएगा। हैरानी की बात यह है कि मर्यादा की रक्षा करने वाले सुपरिंटेंडेंट साहब मना करने के बजाय उल्टा गाइडेंस दे रहे हैं। ऑडियो में कथित तौर पर सुपरिंटेंडेंट कहता है कि एक-दो नंबर वाले सवाल हम खुद करवा देंगे। बड़े प्रश्नों के लिए पर्ची साथ लानी होगी। बेटा किताब साथ ले जाए और मौका पाकर पर्ची फाड़कर अंदर ले आए।
यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग पूछ रहे हैं कि उन छात्रों का क्या होगा जो साल भर दिन-रात एक कर देते हैं? जो छात्र किताबी पन्ने रटकर अपनी आंखों की नींद खराब करते हैं, उनके भविष्य के साथ यह ‘जुगाड़ तंत्र’ भद्दा मजाक है। क्या आपको लगता है कि ऐसे ‘साढ़ू साहबों’ और ‘जुगाड़ू पिताओं’ की वजह से काबिल छात्र पीछे छूट रहे हैं? क्या ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?
नोट: यह खबर वायरल हो रहे ऑडियो क्लिप के आधार पर लिखी गई है। हम इस ऑडियो की सत्यता या स्थान की पुष्टि नहीं करते हैं। जांच के बाद ही कोई आधिकारिक निष्कर्ष निकाला जा सकता है।







