हिमाचल प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को ‘झटके’ लगने का सिलसिला जारी है। ताजा मामला मंडी जिले का है, जहां एक छोटे दुकानदार को विभाग ने स्मार्ट मीटर का ऐसा झटका दिया है कि उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जो दुकानदार औसतन 400 रुपए महीना बिल भरता था, उसे स्मार्ट मीटर लगते ही 92,746 रुपए का बिल थमा दिया गया है।
चैलचौक के सटखन गांव में मेडिकल शॉप चलाने वाले सुनील कुमार के साथ यह वाकया हुआ है। सुनील ने बताया कि उनकी दुकान में बिजली की खपत सामान्य है और पिछले कई सालों से उनका बिल कभी 400 रुपये से ऊपर नहीं गया। हाल ही में उनकी दुकान पर स्मार्ट मीटर लगाया गया। मीटर लगने के बाद जब पहला बिल आया तो मैसेज देखकर उनके होश फाख्ता हो गए। सुनील कुमार को पहले मोबाइल पर टैक्स्ट मैसेज आया, जिसमें बिल की राशि 92,746 रुपये बताई गई। उन्हें लगा शायद गलती हुई होगी, लेकिन जब अगली सुबह गूगल पे पर बिल का नोटिफिकेशन चैक किया, तो वहां भी यही राशि दर्ज थी।
इस भारी-भरकम बिल ने न केवल सुनील कुमार बल्कि आसपास के अन्य व्यापारियों की भी नींद उड़ा दी है। सुनील ने बिजली विभाग से मीटर की रीडिंग दोबारा चैक करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह तकनीकी खामी है या लूट, इसकी सफाई विभाग को देनी होगी।
गौरतलब है कि हिमाचल में स्मार्ट मीटरों की विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई जगहों पर इस तरह के भारी-भरकम बिल आने की शिकायतों के बाद जनता में आक्रोश है। कांगड़ा जिले में तो भारी विरोध के बाद बिजली बोर्ड को यह फैसला लेना पड़ा कि पहले चरण में स्मार्ट मीटर केवल बिजली विभाग के कर्मचारियों के घरों में ही लगाए जाएंगे।







