हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के कोमिक गांव की रहने वाली अल्ट्रा मैराथन धाविका तेंजिन डोल्मा को भारतीय एथलैटिक्स टीम में चुना गया है। एथलैटिक्स फैडरेशन ऑफ इंडिया ने उनके चयन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। तेंजिन अब 23 और 24 मई 2026 को जापान के हिरोसाकी में आयोजित होने वाली आईएयू 24-घंटे एशियन ओशिनिया चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जापान में होने वाली यह एक कठिन सहनशक्ति वाली प्रतियोगिता है, जिसमें धावकों को 24 घंटे तक बिना रुके दौड़ना होता है। 15,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित कोमिक गांव से ताल्लुक रखने के कारण, कम ऑक्सीजन और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने का तेंजिन का अनुभव इस प्रतियोगिता में उनके लिए तकनीकी रूप से मददगार साबित हो सकता है।
अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी जीत चुकी हैं पदक
तेंजिन का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है। इससे पहले उन्होंने थाईलैंड (बैंकॉक) में आयोजित 100 किलोमीटर एशियन ओशिनिया चैम्पियनशिप में 9 घंटे 18 मिनट का समय निकालकर भारत के लिए रजत पदक जीता था। बिना किसी औपचारिक कोच के ट्रेनिंग करने वाली तेंजिन ने 30 साल की उम्र के बाद दौड़ना शुरू किया था और 2017 में मनाली व लद्दाख हाफ मैराथन जीतकर अपनी पहचान बनाई थी।
यूट्यूब से ली ट्रेनिंग, आर्थिक तंगी का किया सामना
तेंजिन एक सैल्प डिपैंडैंट एथलीट हैं। उचित खेल उपकरणों (जूतों) और स्पॉन्सर्स की कमी के बावजूद उन्होंने अपने अभ्यास को जारी रखा है। बचपन में आर्थिक तंगी के कारण उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा था, जिसे उन्होंने 25 साल की उम्र में पूरा किया। सुविधाओं के अभाव (न कोई कोच न कोई प्रशिक्षण) में उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से योग और फिटनैस की ट्रेनिंग ली है, जिसकी बदौलत आज वह भारतीय टीम में पहुंच पाईं है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
तेंजिन डोल्मा के भारतीय टीम में चयन पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधनों के अभाव और कठिन परिस्थितियों के बीच तेंजिन का यहां तक पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने तेंजिन को आगामी चैम्पियनशिप के लिए शुभकामनाएं दी हैं।







