हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस ने नशे के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। शिमला पुलिस ने हाल ही में पकड़ी गई करोड़ों रुपए की सिंथैटिक ड्रग (LSD) मामले में मुख्य सरगना को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी का नाम नविएल हैरिसन है, जो मूल रूप से केरल का रहने वाला है। वह लंबे समय से हरियाणा के गुरुग्राम में रहकर हिमाचल समेत कई राज्यों में महंगे नशे का नैटवर्क चला रहा था। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों और पहले पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर यह कार्रवाई की है।
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। पुलिस की रडार से बचने के लिए ये लोग मोबाइल नैटवर्क पर नॉर्मल कॉल का इस्तेमाल नहीं करते थे। ड्रग्स की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की सारी बातचीत केवल व्हाट्सएप के जरिए की जाती थी। जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह गिरोह पैसों के अलावा बार्टर सिस्टम पर भी काम करता था। कई बार गांजे की सप्लाई के बदले में एलएसडी दी जाती थी, जिससे पैसे का लेन-देन कम हो और पुलिस को शक न हो।
बता दें कि कुछ दिन पहले न्यू शिमला पुलिस ने 2 लोगाें दीप शर्मा निवासी तहसील धर्मकोट, जिला मोगा, (पंजाब और प्रिया शर्मा निवासी ददाहू, जिला सिरमौर को एलएसडी की स्टैम्प साइज स्ट्रिप्स के साथ गिरफ्तार किया था। बरामद नशे की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 1 करोड़ रुपएआंकी गई थी। इसी मामले की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस अब मुख्य सरगना तक पहुंची है। एएसपी शिमला अभिषेक का कहना है कि नशे के खिलाफ उनका यह अभियान और सख्त होगा।







