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हिमाचल एक्सप्रेस की चपेट में आने से 50 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत, कानूनी कार्रवाई के डर से भागा भेड़पालक

हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के निकट भड़ौलियां में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। यहां दिल्ली से दौलतपुर चौक जा रही हिमाचल एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से 50 से अधिक भेड़-बकरियों की कटकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे ट्रैक का मंजर बेहद खौफनाक था। लाखों रुपए का भारी नुक्सान होने के बावजूद, कानूनी कार्रवाई के डर से भेड़पालक मौके से फरार हो गया।

ट्रैक पार करते समय अचानक आ गई ट्रेन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह निचले क्षेत्रों में आया एक भेड़पालक अपने रेवड़ (भेड़-बकरियों के झुंड) को लेकर रेलवे लाइन क्रॉस करवा रहा था। उसी वक्त दिल्ली से दौलतपुर चौक की तरफ जा रही हिमाचल एक्सप्रेस ट्रेन वहां आ पहुंची। इससे पहले कि भेड़पालक अपने झुंड को ट्रैक से सुरक्षित हटा पाता, तेज रफ्तार ट्रेन उनके ऊपर से गुजर गई। इस भयंकर हादसे में 50 से ज्यादा बेजुबान जानवर ट्रेन के पहियों के नीचे आ गए।

रोंगटे खड़े करने वाला था मंजर, लोग उठा ले गए मरे हुए जानवर

हादसे के तुरंत बाद ट्रेन के लोको पायलट (ड्राइवर) ने इसकी सूचना रेलवे स्टेशन पर दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस की टीम सब-इंस्पैक्टर सुरेंद्र कुमार की अगुवाई में घटनास्थल पर पहुंची। मौके का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर तक खून और जानवरों के अंग बिखरे पड़े थे। इस घटना में एक बेहद हैरान करने वाला पहलू भी सामने आया। रेलवे पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही, कई मृत भेड़-बकरियों को जंगली जानवर घसीट कर ले गए। हद तो तब हो गई जब कुछ स्थानीय लोग भी मौके का फायदा उठाकर मरे हुए जानवरों को वहां से उठाकर अपने साथ ले गए।

मुआवजे की बजाय जेल जाने का सताया डर

इस दर्दनाक हादसे में भेड़पालक का लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक किसी भी भेड़पालक ने रेलवे पुलिस या प्रशासन से संपर्क कर कोई लिखित शिकायत या मुआवजे का दावा पेश नहीं किया है। दरअसल, रेलवे अधिनियम के तहत किसी भी रेलवे संपत्ति या रेलवे लाइन पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करना या जानवरों को ले जाना वर्जित है। ऐसा करने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है। माना जा रहा है कि इसी कानूनी कार्रवाई के डर से भेड़पालक सामने नहीं आ रहा है और अपना लाखों का नुकसान सहकर छिप गया है।

रेलवे पुलिस कर रही है जांच

फिलहाल, रेलवे पुलिस ने अपनी तरफ से इस मामले की रिपोर्ट (डीडीआर) दर्ज कर ली है। ट्रैक को साफ करवा दिया गया है और पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह रेवड़ किस भेड़पालक का था।

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Author: Desk

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