हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के इनर अखाड़ा बाजार में गुरुवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश के कारण मठ क्षेत्र की पहाड़ी ने एक बार फिर मलबा उगलना शुरू कर दिया। बारिश के चलते पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें और मलबा तेजी से रिहायशी इलाके की ओर गिरने लगा। गनीमत यह रही कि इस भयानक भूस्खलन की चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया, लेकिन मलबे और खतरे की आहट ने पूरे क्षेत्र के लोगों में भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही कुल्लू जिला प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) अश्वनी कुमार ने विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम के साथ प्रभावित स्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए मलबे की जद में आने वाले घरों को एहतियात के तौर पर तुरंत खाली करवा दिया है। प्रशासन ने आम जनता से यह भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें।
प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए प्रशासन ने एक सुरक्षा घेरा बना दिया है। मौके पर पुलिस और होमगार्ड के जवानों की टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी व्यक्ति जोखिम वाले हिस्से की तरफ न जाए। इसके अलावा, भू-वैज्ञानिकों और संबंधित विभागों की टीमें भी मौके पर मुस्तैद हैं, जो पहाड़ी में आई दरारों और मलबे की आवाजाही पर लगातार पैनी नजर रख रही हैं।
गौरतलब है कि अखाड़ा बाजार का यह क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन के प्रति बेहद संवेदनशील रहा है। खतरे के साये में जीने को मजबूर स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार भारी बारिश के साथ यह पहाड़ी उनके लिए काल बनकर सामने आती है, जिससे इलाके में हमेशा डर बना रहता है।
इस पूरी स्थिति को लेकर कुल्लू के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। बारिश के चलते खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित शिफ्ट किया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है।







