हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रदेश की सुक्खू सरकार ने शिक्षा विभाग के तहत सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा अध्यापकों (पीईटी) के 870 पदों पर भर्ती करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। लंबे समय से अटकी यह भर्ती अब एक नए प्रारूप के साथ शुरू होने जा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर मिलेगा।
जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत होगी भर्ती, 21,500 रुपए प्रतिमाह मिलेगा वेतन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भर्ती सीधे नियमित आधार पर न होकर जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत की जाएगी। इसका मतलब है कि शुरूआत में चयनित उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इस अवधि के दौरान पीईटी शिक्षकों को 21,500 रुपए प्रतिमाह का फिक्स मानदेय दिया जाएगा। शुरूआती समय में इसी तय राशि के आधार पर भुगतान होगा।
हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार ने दी मंजूरी
गौरतलब है कि यह भर्ती लंबे समय से एक कानूनी विवाद के कारण अटकी हुई थी। पूर्व में इस भर्ती को लेकर जारी किए गए आदेशों को रद्द कर दिया गया था। हालांकि, अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति मिल गई है, जिसके बाद सरकार ने इन पदों को भरने की अंतिम मंजूरी दे दी है।
शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश, कांगड़ा में सबसे ज्यादा पद
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में कोई देरी न हो। इसके लिए अधिकारियों को तय समय के भीतर आवश्यक आंकड़े भेजने को कहा गया है ताकि प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सके। इस भर्ती के तहत सबसे अधिक 189 पद कांगड़ा जिले में भरे जाएंगे। इसके अलावा मंडी में 158, शिमला में 106, चम्बा में 83, सिरमौर में 76, ऊना में 73, हमीरपुर में 48, कुल्लू में 42, सोलन में 40, बिलासपुर में 25, किन्नौर में 18 और लाहौल-स्पीति में 12 पद भरे जाने हैं।
रोस्टर प्रणाली और छोटे स्कूलों के लिए विशेष प्रावधान
यह पूरी भर्ती प्रक्रिया तय नियमों और रोस्टर प्रणाली के तहत ही होगी। इसमें सभी आरक्षित वर्गों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। पहले से लंबित बैकलॉग पदों को भी इसी भर्ती के जरिए भरा जाएगा। जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या 100 से कम है, वहां की स्वीकृत पद संख्या को रोस्टर में शामिल नहीं किया जाएगा। यह भर्ती मौजूदा भर्ती एवं पदोन्नति नियम के अनुसार होगी, ताकि पूरे प्रदेश में शिक्षा और खेल व्यवस्था का संतुलन बना रहे।
रोजगार के साथ स्कूलों में खेलों को मिलेगा बढ़ावा
सुक्खू सरकार के इस फैसले को दोहरे फायदे वाला कदम माना जा रहा है। इससे न केवल प्रदेश के सैंकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों में खेलकूद की गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। लंबे समय से शारीरिक शिक्षा अध्यापकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों को इस बड़ी भर्ती से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।







