वीरभूमि हिमाचल प्रदेश से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारतीय सेना की 19 पंजाब रेजिमेंट में तैनात कांगड़ा जिले के सपूत लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया है। वर्तमान में वह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अचानक हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से हुए उनके निधन की खबर जैसे ही पैतृक गांव पहुंची, परिवार सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के मुताबिक, लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता को गुरुवार देर रात अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रया किया, लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता कांगड़ा जिले के धीरा उपमंडल के तहत आने वाली नौरा पंचायत के मतेहड़ गांव के रहने वाले थे। अनुपम मेहता ने वर्ष 1998 में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सफर शुरू किया था। अपनी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट सेवाओं के दम पर इसी वर्ष 26 जनवरी को उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति (प्रमोशन) मिली थी। बताया जा रहा है कि वह 31 अक्तूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। परिवार उनके घर लौटने और रिटायरमेंट की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन नियति के आगे किसी की नहीं चली और अपनी तय रिटायरमेंट से पहले ही वह दुनिया छोड़ गए।
इस मनहूस खबर के मतेहड़ गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है। लेफ्टिनेंट अनुपम अपने पीछे बूढ़े माता-पिता, पत्नी, दो बेटियां, एक बेटा और दो भाई छोड़ गए हैं। परिवार के जवान बेटे के असमय निधन से माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव की आंखें नम हैं।
परिजनों के अनुसार उनकी पार्थिव देह शनिवार देर रात तक पालमपुर स्थित सेना के होल्टा कैंप पहुंचने की संभावना है। इसके बाद रविवार सुबह पूरे सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव मतेहड़ लाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शनों के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे क्षेत्र के लोग अपने इस वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं।







