हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर अक्सर पर्यटकों द्वारा फैलाई जाने वाली गंदगी एक बड़ी समस्या रही है। लेकिन मनाली में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक पर्यटक को सड़क पर कचरा फेंकना भारी पड़ गया। मनाली के एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने न सिर्फ पर्यटक की गाड़ी रुकवाकर उससे कचरा उठवाया, बल्कि उसे स्वच्छता को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, पंजाब के लुधियाना से कुछ पर्यटक मनाली घूमने आए थे। वे अपनी कार से वादियों का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पिज्जा खाने के बाद खाली डिब्बा चलती गाड़ी से बाहर सड़क पर फेंक दिया। संयोगवश, उनकी गाड़ी के ठीक पीछे मनाली के एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा का वाहन चल रहा था। एसडीएम ने यह देखते ही तुरंत पर्यटक की गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवाया। उन्होंने पर्यटक को कार से नीचे उतारा और सड़क पर फेंका गया पिज्जा का डिब्बा खुद उठाने का निर्देश दिया।
पूछताछ के दौरान जब एसडीएम को पता चला कि कचरा फेंकने वाला व्यक्ति पेशे से एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर है, तो उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। एसडीएम ने सवाल किया कि एक जिम्मेदार नागरिक और डॉक्टर होने के बावजूद क्या वह अपने घर में भी इसी तरह कचरा फेंकते हैं?पर्यटक को उसकी गलती का अहसास कराते हुए एसडीएम ने कहा कि रांगड़ी में कचरे का बड़ा प्लांट है, अगर वे कहें तो दो दिन के लिए उनकी ड्यूटी वहां लगा दी जाए, ताकि उन्हें कचरा प्रबंधन की अहमियत समझ आए। अपनी इस हरकत पर पर्यटक काफी शर्मिंदा नजर आया और उसने एसडीएम से माफी मांगी।
एसडीएम चीमा ने पर्यटक को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में अगर उन्होंने हिमाचल में कहीं भी कूड़ा फेंका, तो उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने एक सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि केवल हिमाचल ही नहीं, बल्कि अपने गृह राज्य पंजाब में भी कचरा हमेशा डस्टबिन में ही डालना चाहिए।
एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा की इस त्वरित कार्रवाई की आम लोग और स्थानीय निवासी जमकर सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को बचाने के लिए ऐसे सख्त प्रशासनिक कदमों की आवश्यकता है। यह घटना उन सभी पर्यटकों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पर्यटन स्थलों पर जाकर स्वच्छता के नियमों की अनदेखी करते हैं।







