देवभूमि हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं और सिद्ध पीठों के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। कहते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद यहां कभी अधूरी नहीं रहती। इसी आस्था और विश्वास का एक सुंदर उदाहरण शाहतलाई स्थित बाबा बालक नाथ के दरबार में देखने को मिला, जहां हरियाणा का एक परिवार अपनी मन्नत पूरी होने पर बाबाजी का आभार व्यक्त करने पहुंचा।
जानकारी के अनुसार हरियाणा के बिलासपुर के रहने वाले संदीप और उनकी पत्नी शिवानी की शादी को 9 साल हो चुके हैं। इस दंपति की पहले से दो बेटियां हैं। बहनों को एक भाई और परिवार को एक बेटे की चाहत थी। इसी मनोकामना को लेकर करीब 18 महीने पहले यह परिवार शाहतलाई स्थित सिद्ध बाबा बालक नाथ के दरबार में पहुंचा था और सच्चे मन से मन्नत मांगी थी।
परिवार का अटूट विश्वास है कि बाबा बालक नाथ के आशीर्वाद से ही उनकी यह मुराद पूरी हुई है। पांच महीने पहले शिवानी ने एक बेटे को जन्म दिया। अक्सर देखा जाता है कि लोग खुशी के पलों में ईश्वर को भूल जाते हैं, लेकिन यह परिवार अपनी मन्नत पूरी होने के बाद बाबाजी का कर्ज नहीं भूला। रविवार को पूरा परिवार अपने 5 महीने के बेटे को लेकर खुशी-खुशी बाबा के दरबार पहुंचा।
शाहतलाई पहुंचने पर इस परिवार ने विधिवत रूप से बाबा बालक नाथ की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर के पंडित राकेश कुमार ने नन्हें बच्चे को बाबाजी की पवित्र सिंगी (रक्षा सूत्र) धारण करवाई और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पंडित राकेश ने कहा कि श्रद्धालुओं की सच्ची आस्था ही उन्हें बाबाजी के दरबार तक खींच लाती है और जो भी सच्चे मन से यहां आता है, उसकी झोली कभी खाली नहीं रहती।







