वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

हिमाचल: सोलन में अढ़ाई साल के बच्चे की हत्या, रंजिश की भेंट चढ़ा मासूम, सौतेला पिता गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश हिमाचल के सोलन जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखकर एक सौतेले पिता ने अढ़ाई साल के मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

यह दिल दहला देने वाली घटना सोलन के सलोगड़ा इलाके की है। मृतक बच्चे की पहचान प्रवीण के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार 28 फरवरी की शाम करीब 5 बजे बच्चे की मां तारा देवी ने शोर मचाया कि प्रवीण आंगन में खेलते-खेलते गिर गया है। उसे तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल सोलन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव को वापस घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे।

अगली सुबह जब मासूम प्रवीण को दफनाने की तैयारी चल रही थी, तब गांव के कुछ सजग लोगों को बच्चे की मौत की परिस्थितियों पर शक हुआ। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पंचायत प्रधान को दी। पंचायत प्रधान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और अंतिम संस्कार रुकवा दिया।

मामले में मोड़ तब आया जब 2 मार्च को बच्चे के असली पिता राजेन्द्र ने थाना सदर सोलन में शिकायत दर्ज करवाई। राजेन्द्र ने बताया कि उसकी शादी 4 साल पहले तारा देवी से हुई थी। वर्ष 2025 में तारा देवी बच्चे को लेकर घर छोड़ गई थी और राज थापा (आरोपी) के साथ रहने लगी थी। राजेन्द्र काम के सिलसिले में किन्नौर गया हुआ था। उसे 28 फरवरी की शाम को अचानक बेटे की मौत की खबर मिली, जिससे उसे गहरा संदेह हुआ।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम पहले सोलन और फिर मामले की गंभीरता को देखते हुए IGMC शिमला में करवाया। डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट और निरीक्षण से संकेत मिले कि मौत सामान्य नहीं थी। पिता राजेन्द्र ने आरोप लगाया कि आरोपी राज थापा ने पुरानी रंजिश और बच्चे की कस्टडी को लेकर हुए विवाद के कारण मासूम का गला दबाकर उसकी हत्या की है, जिसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राज थापा (32), जो मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है, को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि करीब 10-12 दिन पहले बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद हुआ था, जिसे हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। घटनास्थल के निरीक्षण के लिए SFSL (राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब इस एंगल पर भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या बच्चे की मां तारा देवी को इस अपराध की जानकारी थी। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या उसने आरोपी का साथ दिया या साक्ष्य मिटाने में मदद की।

Desk
Author: Desk

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें
error: Content is protected !!