हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार की रात एक परिवार के लिए ऐसा दर्द लेकर आई, जो शायद ताउम्र न भरे। एक 30 साल का हंसता-खेलता युवक अपने ससुराल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन सफर अधूरा रह गया। जिस वक्त परिवार वाले उसे फोन पर फोन कर रहे थे, उस वक्त वह 300 मीटर गहरी अंधेरी खाई में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा था। अफसोस, उसे बचाने वाला वहां कोई नहीं था। यह हृदयविदारक हादसा राजधानी शिमला के पांडाधार के पास खोड़कनाली में पेश आया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय कपिल निवासी भड़गांव, कोटगढ़ के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक कपिल 7 मार्च की रात करीब 8 बजे बिथल से चकटी गांव स्थित अपने ससुराल जाने के लिए अपनी कार (HP 95-1895) में निकला था। रात करीब 10:30 बजे तक वह पांडाधार पहुंच चुका था। इसी दौरान खोड़कनाली में उसकी कार अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। गाड़ी लुढ़कते हुए एक सूखी नहर में छत के बल जा गिरी और बुरी तरह पिचक गई।
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू वह रात थी। जब कपिल देर रात तक ससुराल नहीं पहुंचा, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने उसे फोन करना शुरू किया। फोन की घंटी बजती रही, लेकिन दूसरी तरफ उठाने वाला कोई नहीं था। परिजन अनहोनी की आशंका में रात भर करवटें बदलते रहे, जबकि कपिल उस वक्त गहरी खाई में घायल अवस्था में पड़ा था। शायद घायल कपिल ने मदद के लिए पुकारा भी होगा, लेकिन खाई इतनी गहरी थी और सन्नाटा इतना ज्यादा कि उसकी आवाज किसी तक नहीं पहुंच सकी। अगर समय रहते उसे मदद मिल जाती, तो शायद एक मां की गोद सूनी होने से बच जाती।
अगले दिन (शनिवार) दोपहर को पुलिस को सूचना मिली कि खोड़कनाली में एक कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है। जब पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो मंजर देख सबकी रूह कांप गई। कार के परखच्चे उड़ चुके थे और कपिल का शव वहां पड़ा था। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को सड़क तक पहुंचाया। शुरुआती जांच में पुलिस इसे चालक की लापरवाही या गाड़ी से नियंत्रण खोना मान रही है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही साफ होगी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 281 और 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कपिल की मौत से उसके गांव और ससुराल में मातम पसर हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक युवा बेटे का यूं चले जाना परिवार को एक ऐसा जख्म दे गया है जिसकी भरपाई नामुमकिन है। हम ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहन की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं।







