हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से सोमवार दोपहर एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर मां-बाप का दिल दहला दिया है। जिस स्कूल बस में दो नन्ही बच्चियां घर लौटीं, वे उसी स्कूल बस के नीचे आ गईं। यह हादसा इतना भयानक था कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप गई। घायल दोनों बच्चियां सगी बहनें हैं और उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार घटना ऊना के रैसरी गांव की है। गांव के निवासी सुशील की दो बेटियां आशश्वी और प्रिशा ऊना के एक निजी स्कूल में पढ़ती हैं। एक बच्ची एलकेजी में है तो दूसरी यूकेजी में है। रोज की तरह सोमवार दोपहर को स्कूल बस उन्हें घर छोड़ने आई थी। बस घर के पास रुकी और दोनों बहनें नीचे उतर गईं। इसी दौरान चालक ने बस को मोड़ने का प्रयास किया तो दोनों मासूम बच्चियां बस की चपेट में आ गईं।
हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौड़कर आए। उन्होंने घायल बच्चियों को बस के नीचे से निकाला। आनन-फानन में उन्हें ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बच्चियों को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया गया। फिलहाल, दोनों बच्चियों की हालत चिंताजनक बनी हुई है और पूरा गांव उनकी सलामती की दुआ मांग रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब छोटे बच्चे बस से उतर रहे थे, तो क्या कंडक्टर या अटैंडैंट नीचे मौजूद नहीं था? ड्राइवर ने बस बैक करते समय सावधानी क्यों नहीं बरती? वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी चूक किससे हुई, जिसकी सजा आज दो मासूम बच्चियां भुगत रही हैं।







