देवभूमि हिमाचल में सफेद जहर (चिट्टा) घोलने के लिए तस्कर अब बेहद खतरनाक और शातिर हथकंडे अपना रहे हैं। पुलिस की पैनी नजरों से बचने के लिए अब नशीले पदार्थों की डिलीवरी में महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन शिमला पुलिस ने तस्करों के इस मास्टरप्लान को तहस-नहस करते हुए एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो एक महिला की आड़ में युवाओं तक मौत का सामान पहुंचाने जा रहा था।
जानकारी के अनुसार पंजाब के फिरोजपुर का रहने वाला 26 वर्षीय संदीप सिंह और 29 वर्षीय अमनप्रीत कौर (पत्नी मलकीत सिंह) शिमला के जुब्बल और रोहड़ू इलाके में चिट्टे की एक बड़ी खेप लेकर पहुंचे थे। उनका सीधा निशाना शिमला के ऊपरी इलाकों के युवा थे। शिमला पुलिस को अपने खबरी नैटवर्क से पहले ही यह इनपुट मिल चुका था कि बाहरी राज्य से नशे की खेप पहाड़ों की ओर बढ़ रही है। पुलिस ने बिना कोई शोर मचाए जुब्बल थाना क्षेत्र में अपना जाल बिछा दिया। हर आने-जाने वाले पर बाज सी नजर रखी गई। इसी चैकिंग के दौरान पुलिस ने शक के आधार पर संदीप और अमनप्रीत को रोका। जब इनकी तलाशी ली गई, तो इनके पास से 44.15 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
इससे पहले कि यह सफेद जहर पैकेटों से निकलकर युवाओं की रगों तक पहुंचता और किसी घर का चिराग बुझाता, पुलिस ने ऐन मौके पर बाजी पलट दी। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सख्त धाराओं (21, 25 और 29) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी और गहन पूछताछ करेगी।
शिमला पुलिस ने साफ कर दिया है कि बाहरी राज्यों से आकर देवभूमि का माहौल बिगाड़ने वाले तस्करों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, जनता से भी अपील की है कि नशे के इन सौदागरों को जड़ से खत्म करने के लिए वे पुलिस की आंख-कान बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।







