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शिमला: नशा तस्करी का ऐसा तरीका देख आपके भी उड़ जाएंगे होश, चंद पैसों के लिए अपने ही बने हिमाचल के दुश्मन

फिल्म पुष्पा में दूध के टैंकर में चंदन की तस्करी का सीन देखकर दुनिया हैरान रह गई थी, लेकिन असल जिंदगी के तस्कर अब फिल्मों से भी आगे निकल चुके हैं। जब पुलिस की सख्ती बढ़ी और बचने का कोई रास्ता नहीं दिखा, तो नशे के सौदागरों ने चिट्टा छिपाने का ऐसा तरीका निकाला, जिसे देखकर एक पल के लिए पुलिस का भी सिर चकरा गया। मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले का है, जहां कुमारसैन पुलिस ने एक ऐसी पानी की बोतल पकड़ी है, जिसके अंदर युवाओं की रगों में घोला जाने वाला सफेद जहर छिपा था।

भला एक आम सी दिखने वाली पानी की प्लास्टिक की बोतल में कोई ड्रग्स कैसे छिपा सकता है? लेकिन इन शातिर तस्करों ने नेक्सट लेवल का दिमाग लगाया। उन्होंने बोतल के बिल्कुल निचले हिस्से में एक ऐसा गुप्त चेंबर बना रखा था, जिसे पहली नजर में पकड़ पाना नामुमकिन था। इसी सीक्रेट चेंबर में उन्होंने चिट्टे की पुड़िया छिपा रखी थी।

यह काबिले तारीफ कार्रवाई कुमारसैन पुलिस ने की है। पुलिस टीम NH-5 पर लवाण संपर्क मार्ग के पास चील मोड़ के नजदीक रूटीन गश्त पर थी। तभी तीन युवक वहां संदिग्ध हालत में खड़े दिखे। पुलिस से नजरें मिलते ही उनके चेहरे की हवाइयां उड़ गईं और वे घबराकर रास्ता बदलकर नीचे की तरफ भागने लगे। उनकी इसी हरकत ने पुलिस का शक पुख्ता कर दिया। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों को रोक लिया। जब उनके बैग की तलाशी ली गई, तो पहले दो युवकों के पास से कुछ नहीं मिला। लेकिन जब तीसरे युवक का बैग चेक किया गया, तो कपड़ों के बीच एक खाली प्लास्टिक की बोतल मिली। बोतल खाली थी, लेकिन उसका वजन सामान्य से ज्यादा लग रहा था। जब पुलिस ने बारीकी से जांच की तो बोतल के नीचे का सीक्रेट चेंबर नजर आया। चेंबर खोलते ही तस्करों का खेल खत्म हो गया। अंदर से 12.36 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।

गिरफ्तार किए गए तीन युवकों में से दो शिमला के रामपुर के ही रहने वाले हैं, जबकि तीसरा युवक ओडिशा का है। हैरत और अफसोस की बात यह है कि हिमाचल के ही युवा चंद पैसों के लालच में अपनी ही देवभूमि को जहर के दलदल में धकेल रहे हैं। भले ही बरामद किया गया चिट्टा 12 ग्राम के करीब है, लेकिन नशे की दुनिया में यह मात्रा कई घरों के चिराग बुझाने और कई मांओं के लाडलों को मौत के मुंह में धकेलने के लिए काफी है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेक्सट लेवल की पैकिंग के साथ यह नशा कहां से लाया गया था और आगे किन युवाओं को सप्लाई किया जाना था। हमारे आस-पास ही ऐसे सफेदपोश दुश्मन घूम रहे हैं जो हमारी आने वाली नस्लों को बर्बाद करने पर तुले हैं। अपने बच्चों पर नजर रखें, उनसे बात करें और उन्हें समझाएं कि नशा कुछ और नहीं बस नाश का दूसरा नाम है। शिमला पुलिस की इस बेहतरीन और मुस्तैद कार्रवाई की सराहना करने और लोगों को नशे के इन नए तरीकों के प्रति जागरूक करने के लिए इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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Author: Desk

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