हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और कानूनी पचड़े से जुड़ा मामला सामने आया है। यहां एक युवक को पिता बनने की खुशी मनाने का मौका भी नहीं मिला और उसके हाथों में हथकड़ियां लग गईं। बेटे के जन्म के तुरंत बाद अस्पताल से ही पुलिस ने नवजात के पिता को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी की वजह कोई पुरानी दुश्मनी नहीं, बल्कि पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट और उसकी उम्र का वह गणित था, जिसने पति को सीधे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
अस्पताल में दस्तावेजों की जांच से खुला राज
पंजाब केसरी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के बाद चंबा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों की निगरानी में महिला ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। बच्चे की किलकारी गूंजने से परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन यह खुशी तब काफूर हो गई, जब अस्पताल प्रशासन ने डिलीवरी के बाद महिला के मेडिकल दस्तावेजों और उम्र की जांच की।
गर्भधारण के समय नाबालिग थी पत्नी
दस्तावेजों की जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया। डिलीवरी के वक्त महिला की उम्र 18 साल 1 महीना थी। डॉक्टरों ने जब मेडिकल कैलकुलेशन किया तो पाया कि 9 महीने पहले जब महिला ने गर्भधारण किया था, तब उसकी उम्र लगभग 17 साल और 4 महीने रही होगी। यानी गर्भधारण के समय वह ‘नाबालिग’ थी। कानून के अनुसार, नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाना और गर्भधारण (पोक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत) गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
डॉक्टरों की शिकायत पर अस्पताल से हुई गिरफ्तारी
मामले की कानूनी गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत इसकी लिखित शिकायत महिला थाना चंबा पुलिस को दी। शिकायत मिलते ही पुलिस की टीम बिना देरी किए अस्पताल पहुंची और आरोपी पति को अस्पताल परिसर से ही हिरासत में ले लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
महिला थाना पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि महिला की वास्तविक उम्र (जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर) क्या है और शादी व गर्भधारण के समय परिस्थितियां क्या थीं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।







