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हिमाचल: युवाओं की नसों में घुल रहा था चिट्टे का जहर…20 साल की युवती ऐसे कर थी डिलीवरी, पंजाब से मेन सप्लायर भी गिरफ्तार

आज के दौर में जहां डिजिटल तकनीक ने जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं अपराधी भी इसका इस्तेमाल अपने काले कारनामों के लिए कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक ऐसे ही हाईटैक और संगठित अंतर्राज्यीय ड्रग नैटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। यहां एक 20 वर्षीय युवती डिजिटल लोकेशन-बेस्ड डिलीवरी सिस्टम का इस्तेमाल कर चिट्टे (हैरोइन) की सप्लाई कर रही थी। जुब्बल पुलिस ने इस पूरे नैटवर्क को ध्वस्त करते हुए पंजाब से गिरोह के मास्टरमाइंड को भी धर दबोचा है।

पुलिस की जांच में चिट्टा सप्लाई करने का जो तरीका सामने आया, वह किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पकड़ी गई 20 वर्षीय युवती स्थानीय स्तर पर एजैंट का काम करती थी। उसका काम मादक पदार्थ (चिट्टा) को सुनसान और अलग-अलग जगहों पर छिपाना होता था। ड्रग्स छिपाने के बाद वह उस जगह की फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन पंजाब में बैठे मुख्य सप्लायर को भेज देती थी। इसके बाद सप्लायर एडवांस पेमैंट लेकर उन लोकेशन्स को जुब्बल-रोहड़ू इलाके के ग्राहकों (नशेड़ियों) के साथ शेयर कर देता था, ताकि वे वहां जाकर अपनी पुड़िया उठा सकें। इस फेसलैस डिलीवरी सिस्टम के जरिए तस्कर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश कर रहे थे।

बता दें कि 9 फरवरी, 2026 को जुब्बल पुलिस की टीम NH-705 पर 20 वर्षीय नवीन लता निवासी बौली, तहसील जुब्बल को 13.46 ग्राम चिट्टे के साथ दबोचा था। युवती की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। तकनीकी जांच में जुब्बल-रोहड़ू के स्थानीय युवाओं और पंजाब के ड्रग माफिया के बीच एक बड़े गठजोड़ का खुलासा हुआ। इन्हीं डिजिटल सबूतों के आधार पर जुब्बल पुलिस की एक विशेष टीम ने पंजाब में डेरा डाला। अमृतसर और उसके आसपास कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। आखिरकार पुलिस ने नैटवर्क के मुख्य सप्लायर 34 वर्षीय लुकास पुत्र प्रेम निवासी अमृतसर को गिरफ्तार कर लिया।

अमृतसर से पकड़े गए मास्टरमाइंड लुकास के कब्जे से पुलिस ने 2 स्मार्टफोन और 7 अलग-अलग सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि वह इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल चकमा देने और ग्राहकों से संपर्क करने के लिए करता था। इन सभी गैजेट्स को फोरैंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

शिमला पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह एक बड़ा अंतर्राज्यीय नेटवर्क है और अभी जांच जारी है। लुकास से पूछताछ में जुब्बल और रोहड़ू के कई स्थानीय ड्रग पैडलर्स और खरीदारों के नाम सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे के खिलाफ यह जीरो टॉलरैंस अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।

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Author: Desk

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